अनिल मिश्र / पटना
पिछले दो महीनों से जारी नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर सहित पूरे प्रदेश में जश्न मनाया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र संगठनों आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताते हुए मिठाइयां बांटी और खुशी जताई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इसके बाद लोगों के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की चर्चा होती रही।
इस दौरान आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज की जीत है, जिसने सरकार को बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर किया। वहीं आरवाईए के राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर ने कहा कि यदि सरकार शुरुआत में ही छात्रों से संवाद करती, तो आंदोलन इतना लंबा नहीं चलता।
उन्होंने छात्रों के आंदोलन को चीन और पाकिस्तान से जोड़ने की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। छात्र नेताओं ने नए शिक्षा मंत्री से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
