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एक कॉकरोच ने तानाशाह को झुका दिया…उद्धव ठाकरे ने युवाओं को दी बधाई

`कुर्सी पर बैठ गए हैं, इसलिए घमंड में चूर होकर व्यवहार मत कीजिए। देश की युवा शक्ति एकजुट हो जाए तो वह क्या कर सकती है, इसकी यह सिर्फ एक झलक है। मैं इन सभी को धन्यवाद देता हूं। भविष्य में देश में कोई भी तानाशाही लाने का प्रयास करेगा, तो युवा उसे कुचल देंगे।’ -उद्धव ठाकरे

सामना संवाददाता / मुंबई

जिन लोगों ने इन युवाओं को कॉकरोच कहा, उन्हें एक बात ध्यान रखनी चाहिए कि कुर्सी पर बैठने के बाद घमंड में चूर होकर व्यवहार नहीं करना चाहिए। क्योंकि अब एक ‘कॉकरोच’ ने ही तानाशाह को झुका दिया है। ऐसा जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारियों पर बोला। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति अगर एकजुट हो जाए तो वह क्या कर सकती है, यह युवाओं ने दिखा दिया है। इसलिए अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक सहित उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में भड़के आंदोलन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस विषय पर उद्धव ठाकरे ने ‘मातोश्री’ में प्रेस कॉन्प्रâेंस कर देशभर में आंदोलन करने वाले युवाओं को बधाई दी। इस अवसर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत उपस्थित थे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने देश को भय के साये से बाहर निकाला है। पिछले बारह वर्षों से सरकार की ओर से हर दिन किसी न किसी रूप में देश की जनता पर दबाव डाला जा रहा था। नोटबंदी के बाद भी सरकार की ओर से कई फैसले लिए गए। ऐसा लगता था मानो देश में अब लोग बचे ही नहीं हैं, जो बचे हैं वे सभी कॉकरोच हैं। आज मुझे एक फिल्मी डायलॉग याद आता है ‘एक मच्छर साला, आदमी को…’ उसी तरह एक कॉकरोच ने तानाशाह को झुका दिया है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का भ्रम था कि हम कुछ भी करें, कितना भी अहंकार दिखाएं, लोग सब कुछ सहन कर लेंगे। लेकिन सत्ताधारियों ने जो तस्वीर बनाई थी, उसे युवाओं ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसलिए उन्हें धन्यवाद! हालांकि, क्रांति की चिंगारी अभी बुझी नहीं है। अभी भी क्रांतिकारी पैदा हो सकते हैं, यह बात युवाओं ने पूरी दुनिया को दिखा दी है।
भाजपा का वीभत्स चेहरा सामने आया
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनका विभाग बदला गया है या नहीं, इसे लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। हालांकि, उनके इस्तीफे का पत्र मीडिया के सामने आ गया है। लेकिन प्रधान के इस्तीफा देने के बाद भी इस आंदोलन के कारण उठे सवालों का क्या होगा, यह असली सवाल है। क्योंकि इस आंदोलन के बहाने भाजपा का वीभत्स चेहरा सामने आया है।
वरना अब अमित शाह की ओर मोर्चा मोड़ेंगे
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किसके आदेश पर किया गया? प्रदर्शनकारियों को मिलने वाला पानी और भोजन किसने रोका? कील लगे डंडों से युवाओं पर बल प्रयोग क्यों किया गया? युवाओं से मारपीट करने वाले सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों के कपड़ों पर नाम की पट्टियां क्यों नहीं थीं? महिलाओं के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? इन सवालों के जवाब अब अमित शाह को देने चाहिए। वरना अब मोर्चा अमित शाह की ओर मोड़ा जाएगा, ऐसी चेतावनी भी उद्धव ठाकरे ने दी।
जेन-जी ने सरकार की चोटी खींच दी -राज ठाकरे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने इस अवसर पर कहा कि यह युवाओं की ओर से हासिल की गई बड़ी जीत है। आज जेन-जी ने सरकार की चोटी खींच दी है और सत्ताधारियों को पूरी तरह जमीन पर ला दिया है। मनमाने ढंग से जवाब देने वाली सरकार को भी पीछे हटना पड़ता है, यह युवाओं ने दिखा दिया है। इसमें अभिजीत दीपके का योगदान बहुत बड़ा है। इस जीत का जश्न जरूर मनाया जाना चाहिए। इसलिए छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान से वीर सावरकर मार्ग पर विजय उत्सव मनाया जाएगा। दीपके आगे जो भी निर्णय लेंगे, उसमें हमारा समर्थन उनके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए कितनी बार पेपर लीक हुए? २२ बच्चों ने आत्महत्या की। ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री ने अपने विभाग में किसी की गड़बड़ी सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया। फिर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने में इतनी देर क्यों की गई? यह सवाल भी राज ठाकरे ने उठाया। हालांकि, अब ‘हमें कोई क्या कर सकता है’ कहने वालों को युवाओं ने सड़क पर ला दिया है, ऐसा तंज भी उन्होंने कसा। अब बच्चों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, यह हम सभी की मांग है।

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