-आदित्य ठाकरे ने पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र
-आरोप- आंदोलन में शामिल छात्रों को प्रताड़ित कर रही है सरकार
सामना संवाददाता / मुंबई
नीट पेपर लीक के विरोध में मुंबई सहित महाराष्ट्र में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता एवं युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने मामलों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग करते हुए पूरी प्रक्रिया और कार्यप्रणाली की जानकारी भी मांगी है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया को लेकर अभी भी व्यापक स्तर पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
अब भी भेजे जा रहे हैं नोटिस
आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में कहा है कि कई छात्रों को अब भी नोटिस भेजे जा रहे हैं और उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। अदालत के आदेश के बाद भी कुछ मामलों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मामलों को वापस लेने की समय-सीमा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ने ऐसा कोई परिपत्र जारी किया है, जो आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों पर समान रूप से लागू होता हो।
छात्रों से किए वादे पर कायम हैं
आदित्य ठाकरे ने कहा कि जिन छात्रों ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर या नोटिस की प्रतियां ई-मेल के माध्यम से भेजी हैं, उनसे किए गए वादे पर वे आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई लड़ने में भी उनकी मदद की जाएगी।
क्या है मामला?
बताया जाता है कि नीट पेपर लीक के विरोध में मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
पत्र में आदित्य ठाकरे ने उठाए ये सवाल
-क्या गृह विभाग के निर्देशों का लाभ राज्य में छात्र आंदोलनों से संबंधित सभी मामलों, एफआईआर और लंबित मुकदमों पर लागू होगा?
-जिन छात्रों के खिलाफ जांच जारी है, क्या उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई को स्थगित किया जाएगा?
– सरकार के निर्णय के अनुसार छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की पूरी प्रक्रिया क्या होगी?
– क्या संबंधित पुलिस थाने स्वयं सरकार को मामले वापस लेने का प्रस्ताव भेजेंगे, या संबंधित छात्रों अथवा उनके वकीलों को इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा?
– न्यायालय में लंबित मामलों को वापस लेने के लिए क्या सरकारी वकील के माध्यम से आवेदन दाखिल किया जाएगा? यदि हां, तो इसके लिए क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?
-क्या इस संबंध में राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस थानों को एक समान परिपत्र जारी किया गया है? यदि हां, तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
– जिन छात्रों के खिलाफ अभी भी गिरफ्तारी, पूछताछ, थाने में हाजिरी या किसी अन्य प्रकार की कार्रवाई जारी है, उनके संबंध में तत्काल प्रभाव से क्या निर्देश जारी किए गए हैं?
