अरुण कुमार गुप्ता
गत दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और मोदी सरकार की नाकामी को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करके उन्हें हटा तो दिया गया, लेकिन क्या उनके सवालों को भी हटा दिया गया? मामले को शांत करने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा भी दे दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने ढेर सारे आश्वासन भी दिए, लेकिन प्रदर्शन खत्म होने के साथ सरकार ने छल शुरू किया और देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एफआईआर दर्ज कर सलाखों के पीछे डालना शुरू कर दिया। अब इसे क्या कहा जाए, धूर्तबाजी या कपट या छल? कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के अनुसार, जब से मोदी सरकार आई है, तब से देश चोरियां ही चोरियां देख रहा है। चुनाव में वोटो की चोरी, राम मंदिर में चंदा चोरी, उद्योगपति मित्रों द्वारा देश की संपत्ति की चोरी, किसानों की जमीन की चोरी और सबसे बड़ी चोरी छात्रों के भविष्य की चोरी हुई है। छात्रों के सपने चुराए गए हैं। छात्रों के भविष्य की चोरी, सपनों की चोरी किसी भी चोरी से बहुत बड़ी चोरी है। यदि देश का युवा निराश हो गया, उसकी उम्मीद टूट गई तो सबसे बड़ी हार भारत की होगी। मोदी सरकार को सोचना होगा कि छात्रों को सड़क से हटाया जा सकता है, लेकिन उनके सवालों को नहीं। हर उस छात्र या छात्रा की पीठ पर जो लाठी चली है वह बच्चों की पीठ से ज्यादा सरकार की साख पर पड़ी है।
बीजेपी की प्रोपेगेंडा फैक्ट्री फेल!
शाम होते ही बीजेपी की प्रोपेगेंडा फैक्ट्री तेजी से चल पड़ती है। हम बात कर रहे हैं भाजपा के मीडिया सेंटर की। यहां भाजपा प्रवक्ताओं की शाम के समय मंडी सजती है और यहीं से गोदी मीडिया की भूख शांत होती है। इतना पावरफुल तो शायद हिटलर और गोएबल्स का भी मीडिया नहीं रहा। पुतिन और किंग जॉन के पास भी ऐसा मीडिया नहीं है जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी और अमित शाह के पास है। फिर भी सोशल मीडिया पर नॉरेटिव की लड़ाई भाजपा हार रही है। हजारों करोड़ मीडिया पर खर्च करने के बावजूद और तमाम निजी न्यूज चैनल की पूरी फौज के बावजूद नेगेटिव नैरेटिव पैâलाने में सफलता नहीं मिल रही है। भाजपा के पास अकूत पैसे हैं। सरकार भी भाजपा की है। तमाम न्यूज चैनलों के एंकरों की पूरी फौज भाजपा के पास है, फिर भी भाजपा नैरेटिव नहीं चला पा रही है। क्योंकि देश की जनता भाजपा के प्रोपेगेंडा फैक्ट्री को समझ चुकी है। अब भाजपा जनता को बेवकूफ नहीं बना सकती।
फिर बिगड़े बिधूड़ी के बोल!
भाजपा नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पंकचर और चाबी बनाने वाला बोला है। आपको याद होगा कि इन्हीं विधूड़ी साहब ने संसद में सरेआम बसपा सांसद को गालियां दी थी। सितंबर २०२३ में नए संसद भवन में चंद्रयान-३ की सफलता पर चर्चा के दौरान रमेश बिधूड़ी ने बहुजन समाज पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, सांप्रदायिक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने दानिश अली को ‘आतंकवादी’, ‘उग्रवादी’ और अन्य अपमानजनक अपशब्द कहे थे। बहस के दौरान टोकने पर रमेश बिधूड़ी अपना आपा खो बैठे और दानिश अली के लिए असंसदीय व सांप्रदायिक गालियों का प्रयोग किया था।
