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हल्की बारिश में गंदा पानी उगलने लगीं गलियों की नालियां, रसोईघर बने तालाब; नगर निगम के दावों की खुली पोल

राजेश सरकार / प्रयागराज

स्मार्ट सिटी और नगर निगम के विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती यह तस्वीरें प्रयागराज के यमुनानगर (नैनी-ददरी, वार्ड संख्या 40) स्थित इंडस्ट्रियल लेबर कॉलोनी की हैं। यहां विकास की गंगा नहीं, बल्कि गंदी नालियों का बदबूदार पानी लोगों के घरों और रसोईघरों तक पहुंच रहा है। मामूली बारिश होते ही पूरी कॉलोनी की स्थिति नारकीय हो जाती है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जहां लोगों का भोजन पकना चाहिए, वहां घुटनों तक बदबूदार और गंदा पानी भरा हुआ है। इस पानी के साथ केवल कचरा ही नहीं, बल्कि विषैले जीव-जंतु भी घरों में प्रवेश कर रहे हैं। कॉलोनीवासी इस भयावह स्थिति में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है?
कागजों पर सफाई, धरातल पर बदहाली
नए परिसीमन के बाद विकास खंड चाका की ग्राम सभाओं को प्रयागराज नगर निगम में शामिल कर लोगों को बेहतर सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया था। यह कॉलोनी पहले चकइमाम अली ग्राम पंचायत का हिस्सा थी, जो अब नगर निगम के वार्ड संख्या 40 में शामिल है। हालांकि नगर निगम का हिस्सा बनने के बाद भी यहां की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।
नगर निगम का दावा है कि गलियों की नियमित सफाई कराई जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि सफाई के दावों के बावजूद हल्की बारिश में ही घरों में गंदा पानी भर जाता है।
इस संबंध में वार्ड संख्या 40 की पार्षद पूजा पवन यादव ने बताया कि प्रत्येक गली में वैकल्पिक दिनों पर सफाई कराई जाती है। उन्होंने कहा कि कई लोग समझाने के बावजूद गलियों में कूड़ा-करकट फेंक देते हैं, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं और हल्की बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने घरों के सामने चबूतरे बना लिए हैं, जिससे पानी का बहाव बाधित होता है और पानी घरों में प्रवेश कर जाता है।
पार्षद के अनुसार नगर निगम की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था भी संचालित की जा रही है। इसके बावजूद कुछ लोग गलियों में कूड़ा और कबाड़ फेंकते हैं, जिससे नालियां चोक हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालियों की री-इंजीनियरिंग और प्रभावी सफाई व्यवस्था जल्द सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

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