सुनील ओसवाल / मुंबई
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक गुरुवार को उस समय बेहद तल्ख हो गई, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक की बदहाल सड़कों, गड्ढों और कुंभ से जुड़े विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल कर दिए। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के सवालों पर बैठक में मौजूद अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
बैठक के बाद सत्ता के गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि क्या सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों को लेकर सरकार अपने ही कामकाज से संतुष्ट नहीं है? बैठक में राजस्व आयुक्त प्रवीण गेडाम, नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री, संबंधित प्राधिकरण के अधिकारी शेखर सिंह, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने शुरुआत में ही नासिक की सड़कों की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर नासिक का गड्ढा पुराण कब खत्म होगा? क्या शहर की पहचान अब ‘गड्ढागढ़’ बनकर ही रह जाएगी? मुख्यमंत्री के इस सवाल के बाद कुछ देर तक बैठक में सन्नाटा छा गया। बैठक में अधिकारियों की चुप्पी और गुणवत्ता संबंधी सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद सत्ता और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या कुंभ तैयारियों के संचालन को लेकर सरकार के भीतर ही असंतोष है? राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद कुंभ तैयारियों का नेतृत्व संभाल रहे मंत्री गिरीश महाजन के कामकाज पर भी सवाल उठने लगे हैं।
