–सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अब १८० मिनट में हटाने होंगे गैरकानूनी कंटेंट
-विपक्ष बोला, जनता की आवाज दबाने की तैयारी में सरकार
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने वाले नए नियमों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार आलोचनाओं और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का कहना है कि जेन-जी की आवाज से मोदी जी डरे हुए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि यह कदम फेक न्यूज, डीपफेक और गैरकानूनी कंटेंट रोकने के लिए उठाया गया है। अब बहस अभिव्यक्ति की आजादी बनाम डिजिटल नियंत्रण पर छिड़ गई है।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के एक नए प्रावधान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश देकर किसी भी पोस्ट को तीन घंटे के अंदर हटवाने का कानून लाई है। उन्होंने कहा कि यह कदम जनरेशन जी के आंदोलनों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डर को दर्शाता है। केजरीवाल ने `एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, `मोदी सरकार का नया कानून आया है। अगर सरकार किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कोई पोस्ट डिलीट करने के लिए कहती है, तो उन्हें ३ घंटे के भीतर उसे डिलीट करना होगा। जेन-जी के आंदोलन के बाद से ही मोदी जी को बहुत डर लगने लगा है।
आम पब्लिक बोली, ‘क्या अब सोशल मीडिया भी सरकार के इशारे पर चलेगा?
सोशल मीडिया कंटेंट हटाने के नए नियमों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर भी आम पब्लिक ने इसे जनता की आवाज दबाने की कोशिश बताया, वहीं सरकार इसे फेक न्यूज और गैरकानूनी कंटेंट पर लगाम लगाने का कदम बता रही है। लेकिन आम लोगों के बीच सवाल गूंज रहा है, क्या अब डिजिटल दुनिया में बोलने की आजादी भी नियमों की जंजीरों में बंध जाएगी?
जो ‘राजा’ जनता से डरा, समझो ‘घर’ गया!
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले १० वर्षों में मोदी सरकार ने जनता की आवाज दबाने की कोशिश की है और जंतर-मंतर पर लोगों के गुस्से का विस्फोट इसी का नतीजा है। अब मोदी सरकार से उम्मीद है कि वह बेहतर काम करे। अरविंद केजरीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो राजा अपनी जनता से डरने लगता है, उसके जाने का समय करीब आ जाता है।
`इससे और बढ़ेगा युवाओं का गुस्सा’
केजरीवाल ने कहा, मोदी जी, आप जितना देश के लोगों की आवाज दबाएंगे, उनका गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।’ वीडियो में केजरीवाल ने विस्तार से कहा कि अगर कोई इंस्टाग्राम, फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म पर मोदी सरकार, पेपर लीक, एथेनॉल नीति या भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलता है तो तीन घंटे में पोस्ट हटा दी जाएगी।
