-सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मुहर, जस्टिस एम.सी. त्रिपाठी के नाम की सिफारिश
-जस्टिस रविंद्र घुगे अब संभालेंगे कलकत्ता हाईकोर्ट की कमान; केंद्र की मंजूरी का इंतजार
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई हाईकोर्ट को आखिरकार स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी (एम.सी. त्रिपाठी) को मुंबई हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की बैठक 6 अगस्त 2026 को हुई, जिसमें यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
यदि केंद्र सरकार की मंजूरी मिल जाती है तो न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी मुंबई हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। खास बात यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले वे दूसरे न्यायाधीश होंगे।
कानून की पढ़ाई से हाईकोर्ट की सर्वोच्च कुर्सी तक
न्यायमूर्ति त्रिपाठी ने 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। इसके बाद 11 जनवरी 1992 को उन्होंने अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र सिविल कानून रहा है।
अक्टूबर 2007 से उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम, यूपी फूड एंड एसेंशियल कमोडिटीज कॉरपोरेशन, आगरा विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थाओं की ओर से भी उन्होंने न्यायालय में पैरवी की।
2013 में न्यायिक सेवा में प्रवेश, 2015 में स्थायी न्यायाधीश
न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी को 27 सितंबर 2013 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 10 अप्रैल 2015 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।
वर्तमान में वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं और इलाहाबाद स्थित प्रधान पीठ की अध्यक्षता भी कर चुके हैं।
जस्टिस घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट की जिम्मेदारी!
उधर, मुंबई हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र घुगे के लिए भी कॉलेजियम ने बड़ी जिम्मेदारी की सिफारिश की है। उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की गई है।
यानी एक ओर मुंबई हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिलने की तैयारी है, तो दूसरी ओर जस्टिस घुगे को देश के एक महत्वपूर्ण हाईकोर्ट की कमान सौंपने का रास्ता खुल गया है।अब निगाहें केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी हैं। मंजूरी के बाद न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी की बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति का औपचारिक रास्ता साफ होगा।
