पहली तिमाही में कंपनी ने दिखाया दम, राजस्व 20% बढ़कर 403 करोड़; दहेज प्लांट के विस्तार पर 130 करोड़ का अतिरिक्त निवेश
सामना संवाददाता / मुंबई
रबर केमिकल्स के क्षेत्र में देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल एनओसीआईएल लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में जोरदार छलांग लगाई है। कंपनी द्वारा घोषित Q1FY27 के नतीजों के मुताबिक, सालाना आधार पर कंपनी का परिचालन राजस्व 20 प्रतिशत बढ़कर 403 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ में 61 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई और यह 28 करोड़ रुपए हो गया। मजबूत नतीजों के साथ कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश प्लान भी सामने रखा है।
मुनाफे ने पकड़ी रफ्तार
कंपनी के मुताबिक, तिमाही के दौरान कच्चे माल की कीमतों में तेज वृद्धि के चलते बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी हुई, जिसका सीधा असर राजस्व पर पड़ा। वहीं, परिचालन दक्षता में सुधार और इन्वेंट्री से मिले लाभ ने कंपनी की लाभप्रदता को मजबूत किया। इसका असर एबिटा मार्जिन पर भी दिखाई दिया, जो 210 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 11.2 प्रतिशत हो गया।
कंपनी के लिए एक और सकारात्मक संकेत बिक्री मात्रा में दर्ज वृद्धि रही। पहली तिमाही में बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़ी। कंपनी के अनुसार, घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात ऑर्डरों की लगातार आपूर्ति ने इस वृद्धि को गति दी।
दहेज में 130 करोड़ की ‘कैपेक्स’ चाल
बढ़ती मांग को देखते हुए एनओसीआईएल ने गुजरात के दहेज संयंत्र में अतिरिक्त 130 करोड़ रुपए के ब्राउनफील्ड पूंजीगत निवेश की घोषणा की है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल अधिक मांग वाले रबर केमिकल उत्पादों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बैकवर्ड इंटीग्रेटेड विनिर्माण सुविधा विकसित करने में करेगी।
खास बात यह है कि यह निवेश दहेज संयंत्र में पहले से चल रही 250 करोड़ रुपए की कैपेक्स योजना के अतिरिक्त होगा। कंपनी के अनुसार, इस मौजूदा विस्तार परियोजना में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। यानी एक तरफ मुनाफे ने रफ्तार पकड़ी है, तो दूसरी तरफ कंपनी ने भविष्य की मांग को भुनाने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी भी तेज कर दी है। 61 प्रतिशत मुनाफा वृद्धि और 130 करोड़ रुपए का नया निवेश एनओसीआईएल की विस्तार रणनीति और बाजार में बढ़ती मांग के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
