मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में सैफई थाने में तैनात 2019 बैच की महिला कांस्टेबल प्रियंका ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली प्रियंका पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में पति और डेढ़ साल की बच्ची के साथ रहती थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पति से विवाद के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
इससे पहले रविवार को लखनऊ के गोमती नगर थाने में तैनात कांस्टेबल आकाश यादव ने बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी। 2019 बैच के आकाश यादव का शव थाने की बैरक में पंखे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। आकाश यादव मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले थे। वह गोमती नगर थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतक सिपाही के पिता अनिल यादव की तहरीर पर गोमती नगर थाने में एक महिला कांस्टेबल पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
