-एक राज्य-एक चुनाव से राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक निरंतरता एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव — राज्य निर्वाचन आयुक्त
सामना संवाददाता / जयपुर
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने सोमवार को शासन सचिवालय में आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया के सुचारू, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संचालन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
श्री राजेश्वर सिंह ने कहा कि एक राज्य-एक चुनाव के तहत सभी पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में एक साथ चुनाव कराने का निर्णय लेने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता तथा चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना है। एक साथ चुनाव कराने से आर्थिक बचत और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा, जिससे विकास योजनाओं की गति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि समयबद्ध चुनाव कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।
चरणबद्ध चुनाव व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा
प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के लिए 18 हजार तथा पंचायत चुनाव के लिए लगभग 48 हजार मतदान केंद्र स्थापित होंगे।
बैठक में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की चरणबद्ध व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। 39 जिलों में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में तथा दो जिलों फलोदी एवं सलूम्बर में एक चरण में कराए जाएंगे।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए 36 जिलों में चार चरणों, 4 जिलों में दो चरणों तथा एक जिले में एक चरण में चुनाव कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। जैसलमेर जिले में एक चरण के अनुसार चुनाव की व्यवस्था है।
ईवीएम एवं मतपेटी से होगा मतदान
निर्वाचन में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं नगर निकाय सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। वहीं, पंच एवं सरपंच के निर्वाचन के लिए मतपेटी के माध्यम से मतदान होगा।
कानून-व्यवस्था एवं निर्वाचन कार्मिकों की उपलब्धता पर जोर
श्री राजेश्वर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही, नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने, संवीक्षा एवं नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग श्री राजेश वर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में 140 नगर निकायों, 5,050 वार्डों एवं 10,185 मतदान केंद्रों के लिए 71,295 सिविल निर्वाचन कार्मिक एवं 61,110 पुलिस कार्मिक की आवश्यकता होगी, जबकि द्वितीय चरण में 169 नगर निकाय, 5,195 वार्ड एवं 6,280 मतदान केंद्र तथा 43,960 सिविल निर्वाचन कार्मिकों की आवश्यकता होगी।
बैठक में इन चुनावों के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, आवश्यक पुलिस बल की उपलब्धता तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
आरक्षण संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में पदों के आरक्षण से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने तथा उसकी प्रगति से आयोग को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त आयोग के पूर्व निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
चुनाव से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर स्पष्ट निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 21 जुलाई, 2026 को जारी आदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के आम चुनाव के संदर्भ में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार ऐसे अधिकारी, जिनकी आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, उन्हें निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पदस्थापित किया जाना है।
आयोग के निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों का स्थानांतरण 15 अगस्त, 2026 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किया जाना है। साथ ही, चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े ऐसे कार्मिकों का पदस्थापन नहीं किया जाएगा, जिनके विरुद्ध पिछले चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग अथवा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव संबंधी लापरवाही के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों।
बैठक में गृह विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, वित्त विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, पंचायती राज विभाग तथा कार्मिक विभाग से संबंधित तैयारियों एवं आयोग के आदेशों की अनुपालना की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव राजस्व श्री टी. रविकान्त, महानिदेशक पुलिस श्री संजय अग्रवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री वी.के. सिंह, संयुक्त शासन सचिव वित्त विभाग श्री वरुण मिश्रा, संयुक्त शासन सचिव गृह श्री मनीष गोयल, उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग श्री मुकेश मूंड सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
