अरुण कुमार गुप्ता
देश की वर्तमान समस्याएं अंधभक्तों को नजर नहीं आ रही हैं। लोगों द्वारा समस्याएं उठाने पर भी उन्हें कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यदि ऐसे में कहा जाए कि अंधभक्तों की आंखों में ‘मोदिया बिंद’ हो गया है तो गलत नहीं होगा। यह बात कांग्रेस की भी कह रही हैं। कल रेणुका चौधरी आंखों पर मोदिया बिंद लिखा चश्मा पहन कर संसद भवन पहुंची तो पत्रकारों ने पूछा कि आपने ऐसा चश्मा क्यों पहना है। उनका जवाब सीधा सा था। उन्होंने कहा कि देश में वोट चोरी हो रही है, चंदा चोरी हो रही है, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिसका लोग विरोध कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। हाईवे धंस रहे हैं। महंगाई सुरसा की तरह मुंह पैâला रही है। बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। देश की जनता समस्याओं से घिरती जा रही है, लेकिन अंधभक्तों की आंखों में ‘मोदिया बिंद’ हो गया है। उन्हें कुछ नजर नहीं आ रहा है इसलिए इस तरह का चश्मा पहन कर आई हूं, ताकि लोगों को पता चले कि देश के लिए मोदिया बिंद कितना खतरनाक है।
मां-बहनों के साथ धोखा!
लोगों को धोखा देना तो भाजपा की फितरत बन गई है। पश्चिम बंगाल चुनाव जीतने के लिए मोदी सरकार अन्नपूर्णा भंडार योजना लाई थी, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जब देने की बारी आई तो २६ लाख बहनों के नाम ही योजना से बाहर कर दिए गए। इसी तरह महाराष्ट्र का चुनाव जीतने के लिए लाड़की बहन योजना लाई गई और चुनाव जीतने के बाद ९२ लाख बहनों के नाम हटा दिए गए। यही नहीं, मध्य प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए लाड़ली बहन योजना लाई गई और चुनाव जीतने के बाद २,१८००० बहनों के नाम गायब कर दिए गए। दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए महिला समृद्धि योजना लाई गई और वादा किया गया कि प्रत्येक महिला को हर महीने ढाई हजार रुपए दिए जाएंगे, लेकिन उसका नाम ही बदलकर लक्ष्मी योजना कर दिया गया। रेखा गुप्ता की सरकार को १ साल से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन योजना का कोई पता नहीं है। मां-बहनों के साथ धोखा। वाह मोदी जी वाह।
