मुंबई : देश के प्रमुख अस्पतालों में शामिल लीलावती अस्पताल अब भारत के बाहर भी अपनी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने जा रहा है। अस्पताल सितंबर 2026 की शुरुआत से कजाकिस्तान में सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी शुरू करेगा। यह भारत के बाहर लीलावती अस्पताल की पहली स्वास्थ्य सुविधा होगी। यह अस्पताल की उस बड़ी योजना का एक अहम कदम है, जिसके तहत वह अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना चाहता है और दुनिया भर में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाना चाहता है।
कजाकिस्तान में शुरू होने वाले इस केंद्र से मध्य एशिया के मरीजों को कई सुविधाएं मिलेंगी। वे लीलावती अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे, अपनी बीमारी पर दूसरी राय जान सकेंगे, और इलाज की बेहतर योजना बना सकेंगे। जरूरत पड़ने पर मरीजों को मुंबई स्थित लीलावती अस्पताल में आगे के इलाज और सर्जरी के लिए भी भेजा जाएगा। केंद्र में कैंसर, लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों, किडनी और ट्रांसप्लांट, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी, आईवीएफ और प्रजनन उपचार, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हड्डियों से जुड़ी बीमारियों, यूरोलॉजी, डायबिटीज और हार्मोन संबंधी रोगों, बच्चों की बीमारियों और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं समेत कई विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।
तीन दशकों से ज्यादा के अनुभव वाले लीलावती अस्पताल में 40 से अधिक मेडिकल और सर्जिकल विशेषज्ञताओं में करीब 375 अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ हैं। अस्पताल को ट्रांसप्लांट, कैंसर उपचार, हृदय रोग, न्यूरोसाइंसेज, रोबोटिक और कम चीरा लगाने वाली सर्जरी, जीआई और लिवर सर्जरी और आईवीएफ जैसी सेवाओं में विशेषज्ञता हासिल है।
अस्पताल की योजना कजाकिस्तान से आगे मध्य एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी सेवाओं का विस्तार करने की है। इस दिशा में अस्पताल एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क तैयार करने पर काम कर रहा है। इस विस्तार की अगुवाई लीलावती अस्पताल की संस्थापक, स्थायी आजीवन ट्रस्टी और चेयरपर्सन श्रीमती चारुबेन मेहता कर रही हैं।
लीलावती अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के सीईओ डॉ. रवींद्र करंजेकर ने कहा, “कजाकिस्तान में विस्तार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं की विशेषज्ञता को दूसरे देशों तक पहुंचाना और मध्य एशिया के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सलाह और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही हम भारत और कजाकिस्तान के बीच डॉक्टरों के सहयोग, टेलीमेडिसिन और मेडिकल शिक्षा के जरिए एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क तैयार करना चाहते हैं। जटिल मामलों में मरीजों को मुंबई स्थित लीलावती अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलेगी। कजाकिस्तान मध्य एशिया में हमारी आगे की विस्तार योजना की शुरुआत है।”
इस पहल से कजाकिस्तान में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वहीं, मरीजों के इलाज में लीलावती अस्पताल के तय चिकित्सा मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। कजाकिस्तान का यह सेंटर आगे चलकर मध्य एशिया और दूसरे देशों में लीलावती अस्पताल के विस्तार की एक अहम कड़ी बनेगा।
