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सड़क छोड़िए, अब आसमान से पहुंचेगा दिल-किडनी!

-एयर इंडिया और सुजुकी के साथ मेडिकल लॉजिस्टिक्स पर काम
-‘स्कायड्राईव’ की भारत में हवाई सेवा की तैयारी

सामना संवाददाता/ मुंबई
भारत की जाम से जूझती सड़कों के ऊपर अब मेडिकल इमरजेंसी का नया रास्ता आसमान में खुल सकता है। जापानी कंपनी ‘स्कायड्राईव’ २०२८ तक भारत और जापान में अपनी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग यानी ‘ईवीटीओएल’ विमान सेवा शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य शुरुआती दौर में इन उड़ने वाले वाहनों का इस्तेमाल अंग प्रत्यारोपण, जरूरी दवाओं और मेडिकल सप्लाई के तेज परिवहन के लिए करना है।
भारत में इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए स्कायड्राईव ने एयर इंडिया और सुजुकी के साथ हाथ मिलाया है। तीनों कंपनियां मिलकर यह जांच रही हैं कि ट्रैफिक से भरे महानगरों में ‘ईवीटीओएल’ के जरिए ‘लास्ट-माइल’ मेडिकल लॉजिस्टिक्स कितनी कारगर हो सकती है। एयर इंडिया ने इस साझेदारी को भारत की मेडिकल इंप्रâास्ट्रक्चर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में संभावित कदम बताया है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसे लंबा रनवे नहीं चाहिए। यानी भविष्य में अस्पतालों, विशेष हेलीपैड या चुनिंदा शहरी केंद्रों से सीधे उड़ान संभव हो सकती है। शुरुआती उत्पादन जापान में रखने की योजना है, लेकिन स्कायड्राईव भारत को केवल बाजार नहीं, भविष्य के निर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में भी देख रही है। यदि भारतीय उत्पादन योजना आगे बढ़ती है तो मध्य-पूर्व और अफ्रीकी बाजारों के लिए भारत बड़ा बेस बन सकता है।
मिनटों में पहुंच जाएगा अस्पताल
फिलहाल तस्वीर बेहद आकर्षक है, लेकिन चुनौती भी उतनी ही बड़ा है। एयर ट्रैफिक नियम, सुरक्षा प्रमाणन, बैटरी विश्वसनीयता, शहरी लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कीमत। फिर भी संकेत साफ है कि कल जिस अंग को ट्रैफिक में फंसकर अस्पताल पहुंचने में घंटों लगते थे, वही अब शायद कुछ मिनटों में आसमान के रास्ते पहुंच सकेगा।

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