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मुंबई मनपा की पोल खुल रही रोज…एक इमारत पर कई स्कूलों का बोझ!

-७८९ बच्चों के लिए सिर्फ ३८ रूम
-मनपा-भाजपा झोंक रही मुंबईकरों की आंखों में धूल

द्रुप्ति झा / मुंबई

मुंबई मनपा और सत्ताधारी विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन घाटकोपर-पूर्व स्थित तिलक मार्ग म्युनिसिपल स्कूल की नई इमारत ने इन दावों की पोल खोल दी है। रविवार को मेयर रितु तावड़े और स्थानीय भाजपा विधायक पराग शाह ने नई इमारत का उद्घाटन किया। मंच से इसे ‘अत्याधुनिक शैक्षणिक परिसर बताया गया, लेकिन इमारत की हकीकत पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।
७८९ विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई इस छह मंजिला इमारत में ३८ क्लासरूम, २५ छोटे कमरे और १४ पैâसिलिटी रूम होने का दावा है। सवाल यह है कि कामराज नगर, रमाबाई नगर, छेड़ा नगर, विक्रोली और चेंबूर जैसे अलग-अलग इलाकों में मौजूद स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय विद्यार्थियों को एक ही परिसर में क्यों समेटा गया? क्या यह प्रशासनिक मजबूरी है या व्यवस्था सुधारने से बचने का तरीका?
बड़े दावे, जमीन पर सवाल
कार्यक्रम में बच्चों को इसरो तक ले जाने जैसे बड़े सपने दिखाए गए। लेकिन दूसरी तरफ विधायक को खुद अधिकारियों को इलाके की सफाई और सुरक्षा दुरुस्त करने की हिदायत देनी पड़ी। नई इमारत का फीता तो कट गया, लेकिन सवाल वही है -क्या सिर्फ ६ मंजिला इमारत से मनपा स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधर जाएगी? या यह भी मनपा की उसी खोखली वाहवाही का हिस्सा है, जिसमें इमारत तो दिखती है लेकिन व्यवस्था की कमियां छिप जाती हैं।
मराठी स्कूलों में घटी छात्र संख्या
तिलक मार्ग मराठी स्कूल में महज १२८ और कामराज नगर मराठी स्कूल में १२७ विद्यार्थी ही बचे हैं। मराठी माध्यम के स्कूलों में छात्र संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में नई इमारत का उद्घाटन कर वाहवाही लूटने से ज्यादा जरूरी मराठी स्कूलों को मजबूत करना और विद्यार्थियों का भरोसा वापस लाना है। उद्घाटन में विधायक पराग शाह ने स्कूल के लिए ५ लाख रुपए के दान की घोषणा की।

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