मुख्यपृष्ठनए समाचारफिर भर्ती परीक्षा पेपर में धांधली!..मचा हंगामा, परीक्षार्थी सड़क पर उतरे

फिर भर्ती परीक्षा पेपर में धांधली!..मचा हंगामा, परीक्षार्थी सड़क पर उतरे

सामना संवाददाता / मुंबई

नीट सहित तमाम प्रतियोगी अथवा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने को मामले को लेकर देश में मचे हाहाकार के बीच जेन-जी का नेतृत्व करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन किया। यहां तक कि इस मामले में केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक लेना पड़ा। इसके बाद भी इस सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को मुंबई उच्च न्यायालय में लिपिक पद की भर्ती के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के दौरान छत्रपति संभाजीनगर, कल्याण और भंडारा में धांधली और तकनीकी अव्यवस्थाओं को लेकर परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। कहीं सर्वर ठप रहा, कहीं की-बोर्ड खराब निकला तो कहीं परीक्षार्थियों को घंटों परीक्षा केंद्र के बाहर इंतजार करना पड़ा।
सैकड़ों उम्मीदवारों की परीक्षा हुई प्रभावित
छत्रपति संभाजीनगर के सेवन हिल क्षेत्र स्थित सुराणा नगर परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होते ही सर्वर डाउन होने का आरोप परीक्षार्थियों ने लगाया। इसके चलते सैकड़ों उम्मीदवारों की परीक्षा प्रभावित हुई। दूर-दराज से परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात संभालने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा से वंचित हुए विद्यार्थियों के भविष्य पर जो तलवार लटकी उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। कल्याण के एपीएमसी मार्वेâट स्थित परीक्षा केंद्र पर भी परीक्षार्थियों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। विद्यार्थियों का आरोप है कि परीक्षा के लिए उपलब्ध कंप्यूटर के की-बोर्ड में खराबी थी, जिससे उन्हें परीक्षा देने में परेशानी हुई।
सुबह से दोपहर तक इंतजार, परीक्षा फिर भी नहीं
भंडारा के नूतन विद्यालय परीक्षा केंद्र पर स्थिति और भी खराब रही। परीक्षार्थियों के अनुसार सर्वर डाउन और तकनीकी समस्याओं के चलते सुबह १० बजे पहुंचे पहले सत्र के कई उम्मीदवार दोपहर ३ बजे तक लॉगिन नहीं कर सके। विद्यार्थियों का आरोप है कि अभ्यास के लिए उपलब्ध कराए गए की-बोर्ड भी खराब थे। इसके अलावा परीक्षा ‘स्क्रीन-टू-स्क्रीन’ तरीके से होगी, इसकी जानकारी अंतिम समय में दिए जाने से भ्रम और बढ़ गया।

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