मुख्यपृष्ठनए समाचारपीएम के बाद अब सीएम भी `छात्रों की गूंज’ से घबराए!

पीएम के बाद अब सीएम भी `छात्रों की गूंज’ से घबराए!

– पुणे में राहुल गांधी की सभा की अनुमति पर `महायुति’ डाल रही अड़ंगा
– भड़के कांग्रेसी बोले, `अनुमति नहीं मिली तब भी होगी सभा’

सामना संवाददाता / मुंबई

पुणे में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर महायुति सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव के आसार बन गए हैं। २२ अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पुलिस अनुमति में कथित देरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर विपक्ष की आवाज और छात्रों की गूंज दबाने का आरोप लगाया। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार के बाद अब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी `छात्रों की गूंज’ से घबरा गई है। मामला गरमाते ही पुणे पुलिस ने आखिरकार कुछ शर्तों के साथ कार्यक्रम को कानूनी अनुमति देने की पेशकश की है।
सवालों से डरती है सरकार?
सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के छात्र संवाद को अनुमति देने में प्रशासन टालमटोल कर रहा था। पार्टी ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। हालांकि दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने अनुमति देने का आश्वासन दिया है।
कार्यक्रम को लेकर पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने साफ चेतावनी दी थी कि पुलिस अनुमति दे या न दे, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हर हाल में आयोजित किया जाएगा। उनके इस आक्रामक रुख के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा। खबर लिखे जाने तक इस कार्यक्रम के लिए अनुमति जारी करने का आश्वासन पुलिस ने दिया है। राहुल गांधी इस कार्यक्रम में खास तौर पर छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे। करीब ८ से १० हजार छात्राओं के शामिल होने की संभावना है। पेपर लीक, विद्यार्थियों के अधिकार, छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दों पर राहुल गांधी सवाल-जवाब करेंगे। खास बात यह है कि छात्राओं को राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछने का अवसर भी मिलेगा। कांग्रेस का आरोप है कि जिस कार्यक्रम में युवा और छात्र अपने सवाल सत्ता के सामने रखने वाले हैं, उसी कार्यक्रम की अनुमति को लेकर प्रशासन ने टालमटोल का रवैया अपनाया।

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