मुख्यपृष्ठस्तंभमछली भोज पर शोर...चढ़ावा चोरी पर मौन

मछली भोज पर शोर…चढ़ावा चोरी पर मौन

 साहब सिंह

माथे को लाल, पीला, काला और भूरा रंगने वाले, गेरुआ वस्त्र पहनने वाले, चोटी में चार-पांच गांठ मारने वाले और मुंडाई गई व तेल से नहलाई गई चमचमाती खोपड़ी रखने वाले तथा खुद को सनातन के ठेकेदार कहने वालों को सनातन की एबीसी भी नहीं पता। अयोध्या में निषाद समाज के मछली भोज पर तथाकथित सनातनी ठेकेदारों ने ऐसी हाय-तौबा मचाई कि धरती-आसमान एक कर दिया। मानो किसी समुदाय के पारंपरिक खान-पान से धर्म की पूरी व्यवस्था ही खतरे में पड़ गई हो।
निषाद समाज के साथ-साथ अन्य समाज भी अयोध्या में भगवान श्री राम के जन्म से पहले से निवास करते आए हैं। उनके अपने खान-पान, रहन-सहन और पेशे रहे हैं। किसी भी क्षेत्र और समाज का खान-पान वहां उपलब्ध खाद्य सामग्री, स्थानीय परंपराओं, व्यक्ति की रुचि, पेशे और शारीरिक पोषण की आवश्यकताओं से जुड़ा होता है। इसलिए किसी एक समुदाय की खान-पान की परंपरा को पूरे सनातन धर्म का अंतिम नियम बताकर दूसरे समुदायों को कटघरे में खड़ा करना न तो धार्मिक समझ है और न सामाजिक न्याय।
अयोध्या और व्यापक उत्तर भारतीय परंपराओं के ऐतिहासिक संदर्भों को देखें तो मांसाहार को पूरी तरह अनजान या निषिद्ध परंपरा बताना इतिहास को सरल बनाकर पेश करना होगा। प्राचीन भारतीय साहित्य और धार्मिक परंपराओं में मांसाहार के उल्लेख मिलते हैं। अलग-अलग काल, समुदाय और संप्रदायों में भोजन संबंधी मान्यताएं अलग रही हैं। यही विविधता भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा की वास्तविकता है।
रही बात एकादशी को मछली भोज या मांसाहार की, तो उपवास और भोजन के नियम सभी समुदायों में एक जैसे नहीं रहे हैं। कुछ सनातनी समाजों में सामान्य व्रत-उपवास ही नहीं, बल्कि नवरात्र जैसे अवसरों के बाद भी अलग-अलग खान-पान की परंपराएं देखने को मिलती हैं। इसलिए किसी एक आहार-पद्धति को सनातन की सार्वभौमिक कसौटी बनाना अनुचित है।
तथाकथित स्वघोषित सनातनी ठेकेदार श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के पाप और अपराध पर मौन हैं। किसी समुदाय का खान-पान धर्म की ठेकेदारी का विषय नहीं है। यदि किसी सार्वजनिक धार्मिक संस्था में चढ़ावे या धन की कथित चोरी व गबन के आरोप हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच और पारदर्शी जवाबदेही कहीं अधिक गंभीर विषय है। मछली भोज पर शोर, चढ़ावा चोरी पर मौन, धार्मिक चिंता नहीं, सुविधानुसार चुना गया आक्रोश दिखाई देता है।

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