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शिंदे गुट के नेता की स्वीकारोक्ति…`फर्जी वोटों के सहारे सत्ता में आई बीजेपी!’

एसआईआर की संभावित सूची पर बढ़ा विवाद
-प्रताप सरनाईक के आरोपों से मची खलबली

रामदिनेश यादव / मुंबई

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद सामने आए आंकड़ों ने सत्तारूढ़ महायुति के भीतर ही राजनीतिक घमासान खड़ा कर दिया है। शिंदे गुट ने भाजपा के फर्जी वोट नीति की पोल खोलते हुए साफ कहा है कि वोटों के फर्जीवाड़े में भाजपा अव्वल है और इसी तरह बड़े पैमाने पर फर्जी वोटों के सहारे भाजपा ने सत्ता हासिल की है।
मीरा-भायंदर और ओवला-माजीवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं होने के बाद भाजपा और शिंदे गुट आमने-सामने आ गए हैं। मंत्री और शिंदे गुट के नेता प्रताप सरनाईक ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फर्जी या संदिग्ध नाम थे और इन्हीं मतदाताओं के सहारे भाजपा ने सत्ता हासिल की।
एसआईआर के जारी आंकड़ों को आधार बनाकर प्रताप सरनाईक ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दोनों क्षेत्रों की सूची में करीब ५५ प्रतिशत नाम संदिग्ध अथवा फर्जी पाए गए हैं। सरनाईक के बयान ने भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि उनके आरोप सीधे चुनावी प्रक्रिया और भाजपा की चुनावी सफलता पर सवाल खड़े करते हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर महाराष्ट्र में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मीरा-भायंदर (१४५) और ओवला-माजीवाड़ा (१४६) विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियां तैयार की गर्इं।
वोटों की गड़बड़ी पर सत्ता पक्ष में फूट?
सरनाईक के आरोपों ने महाराष्ट्र की सियासत में ‘फर्जी वोटों’ के मुद्दे को महायुति के घर तक पहुंचा दिया है। ऐसे में भाजपा और शिंदे गुट के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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