-शिंदे गुट के वकीलों की दलील शुरू, ठोस आधार कुछ भी नहीं
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना पार्टी और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में १६ सितंबर को फिर सुनवाई होगी। शिवसेना से गद्दारी करने वाले शिंदे गुट के वकीलों ने गुरुवार को अपनी दलीलें शुरू कीं, लेकिन पार्टी और चुनाव चिह्न पर दावा करने के लिए वे अपनी दलीलों के दौरान कोई ठोस आधार पेश नहीं कर सके। अब दो सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में गद्दार विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर दलीलें होने की संभावना है।
शिवसेना से गद्दारी करने वाले शिंदे गुट को पार्टी का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न देने के चुनाव आयोग के पैâसले को शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही, गद्दार विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पैâसले के खिलाफ शिवसेना के मुख्य सचेतक और विधायक सुनील प्रभु ने भी याचिका दायर की है। दोनों याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अंतिम सुनवाई चल रही है।
