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हर आठवें मतदाता को एसआईआर का नोटिस! … महाराष्ट्र में १.२२ करोड़ वोटरों से मांगे गए सबूत

– रिकॉर्ड में नाम, उम्र और पते की गड़बड़ी; पुरानी सूची से नहीं जुड़े करीब ६० लाख मतदाता
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर ने १.२२ करोड़ से अधिक मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। निर्वाचन आयोग ने राज्य के १,२२,२४,००७ मतदाताओं को नोटिस जारी कर अपनी पहचान और पात्रता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। एसआईआर से पहले राज्य में करीब ९.७८ करोड़ मतदाता थे। इस हिसाब से लगभग हर आठवां मतदाता जांच के दायरे में आ गया है।

सबसे ज्यादा नोटिस मुंबई के उपनगरों में भेजी गई
एसआईआर की प्रारूप सूची से करीब २.०७ करोड़ पुराने नाम पहले ही हो चुके हैं बाहर

आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ६२,४८,२८१ मतदाताओं के गणना प्रपत्र में नाम, उम्र, पता अथवा रिश्तेदारों की जानकारी से जुड़ी विसंगतियां मिली हैं। इसके अलावा ५९,७५,७२६ मतदाता वर्ष २००२-०४ की पुरानी मतदाता सूची से ‘मैप’ नहीं हो पाए हैं। ऐसे मतदाताओं को अपनी या अपने परिजनों की पुरानी मतदाता सूची में मौजूदगी अथवा आयोग द्वारा स्वीकार्य दस्तावेजों के माध्यम से पात्रता साबित करनी होगी।
सबसे ज्यादा नोटिस मुंबई उपनगर में करीब १६.४० लाख, पुणे में १३.३४ लाख और ठाणे में १३.१७ लाख मतदाताओं को जारी किए जा रहे हैं। तेजी से बढ़ती आबादी, मकान बदलना और रोजगार के लिए होने वाला पलायन शहरी क्षेत्रों में विसंगतियां बढ़ने की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
हालांकि, नोटिस मिलने का मतलब तत्काल नाम कटना नहीं है। मतदाता आवश्यक दस्तावेज बूथ लेवल अधिकारी को दे सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। नोटिस और जांच की प्रक्रिया २९ अक्टूबर तक चलेगी तथा अंतिम मतदाता सूची ४ नवंबर को प्रकाशित की जानी है। इस बीच, एसआईआर की प्रारूप सूची से करीब २.०७ करोड़ पुराने नाम पहले ही बाहर हो चुके हैं। इनमें मृत मतदाता, दोहरी प्रविष्टियां और अनुपस्थित अथवा स्थानांतरित मतदाता शामिल बताए गए हैं। अब १.२२ करोड़ अन्य मतदाताओं से सबूत मांगे जाने के कारण अंतिम सूची में कटने वाले नामों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

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