-राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह गुजरात में कराने पर आदित्य ठाकरे का मोदी सरकार पर हमला
सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली के बजाय गुजरात में आयोजित किए जाने को लेकर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार का गुजरात प्रेम अब इस हद तक पहुंच गया है कि देश के महत्वपूर्ण आयोजन लगातार गुजरात ले जाए जा रहे हैं। कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब सिर्फ राष्ट्रपति भवन गुजरात ले जाना बाकी है।
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह से लेकर ओलंपिक और विश्व कप जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों तक सब कुछ गुजरात ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह केंद्र सरकार है या गुजरात की केंद्र सरकार? आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि हर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन गुजरात में ही ले जाना है तो फिर परमाणु संयंत्र और ठाणे में प्रस्तावित डेटा सेंटर भी गुजरात ले जाना चाहिए।
आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक के विषय को जितनी गंभीरता से लेना चाहिए, उतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। राज्यभर में विद्यार्थी सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। लगातार आंदोलन होने के बावजूद यदि सरकार की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं आता है तो यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में विद्यार्थी आंदोलन और अधिक तीव्र हो सकते हैं।
भाजपा की झगड़ा लगाने की मानसिकता
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के सुझाव पर पर्युषण पर्व के दौरान मीरा-भायंदर मनपा क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों के डिब्बे में प्याज, लहसुन और आलू नहीं लाने संबंधी निर्देशों को लेकर भी आदित्य ठाकरे ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जैन धर्म शांति पर आधारित है, लेकिन किसी व्यक्ति पर अपनी विचारधारा जबरन थोपना भी एक प्रकार की हिंसा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में दशकों से विभिन्न समुदाय मिल-जुलकर रहते आए हैं और सभी को अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
मुंबई मनपा की जमीन बेच रही सरकार
आदित्य ठाकरे ने मुंबई मनपा की सुधार समिति में खुले मैदानों को लेकर भी राज्य सरकार और शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुंबई के खुले मैदानों को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सदन में शिवसेना के नगरसेवकों को बोलने नहीं दिया जाता, इसलिए उन्हें सदन के बाहर समानांतर सभा करनी पड़ी। उन्होंने भाजपा पर मुंबई को उद्योगपति गौतम अडानी के हाथों में सौंपने के लिए सत्ता पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया।
