– जोगेश्वरी में १,८०२ वर्गमीटर भूखंड पर भाजपा-शिंदे आमने-सामने
– भाजपा का वॉकआउट, शिंदे गुट की सत्ता छोड़ने की धमकी
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका की सत्ता संभाल रही महायुति के भीतर की दरार अब खुलकर सामने आने लगी है। जोगेश्वरी- पूर्व के मजास गांव में १,८०२ वर्गमीटर के भूखंड के आरक्षण में बदलाव को लेकर भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के बीच मतभेद गहरा गए हैं। सुधार समिति में भाजपा ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए वॉकआउट किया, तो दूसरी ओर शिंदे गुट के गटनेता अमेय घोले ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जरूरत पड़ने पर सत्ता से बाहर बैठने तक की चेतावनी दे दी।
सार्वजनिक सुविधाओं की जमीन पर सियासी घमासान!
मजास गांव का यह भूखंड पोस्ट ऑफिस, पुलिस स्टेशन, खेल मैदान, स्कूल, मनपा दवाखाना, स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित बताया गया है। इसके एक हिस्से पर मेघवाड़ी सिद्धिविनायक सहकारी गृहनिर्माण संस्था स्थित है। आरक्षण के चलते सोसायटी का पुनर्विकास अटकने का तर्क देते हुए आरक्षण में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। बुधवार को सुधार समिति की बैठक में भाजपा के संदीप पटेल ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। भाजपा सदस्यों ने पहले चर्चा और प्रस्ताव रोकने की मांग की, लेकिन समिति अध्यक्ष संध्या दोषी ने विरोध के बावजूद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद भाजपा सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।
एक भूखंड ने खोल दी गठबंधन की गांठ!
सवाल अब सिर्फ १,८०२ वर्गमीटर जमीन का नहीं है। सत्ता में साथ बैठे दल यदि एक-दूसरे के पैâसलों के खिलाफ खड़े हों, बैठक छोड़ दें और सत्ता से बाहर जाने की धमकी दें, तो महायुति के भीतर तालमेल पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकरे गुट ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पहले ४० से अधिक भूखंडों के आरक्षण बदले गए, तब विरोध क्यों नहीं हुआ? अब नजर मनपा सदन की अगली बैठक पर है। यदि वहां भी टकराव हुआ तो भूखंड की लड़ाई महायुति के लिए सियासी भूचाल साबित हो सकती है।
