मुख्यपृष्ठनए समाचारजरांगे भिड़े...यह हमारी आखिरी लड़ाई मरते दम तक लड़ेंगे!

जरांगे भिड़े…यह हमारी आखिरी लड़ाई मरते दम तक लड़ेंगे!

सामना संवाददाता / जालना / मुंबई

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर यात्रा शुरू कर दी है। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में साथ न आने की अपील की थी, लेकिन उनके पीछे लोगों का कारवां बढ़ता दिखाई दे रहा है।
जरांगे ने १९ सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचने का ऐलान किया है। पुलिस की ओर से आंदोलन की अनुमति को लेकर आपत्तियां बनी हुई हैं और उनकी अनुमति फिर खारिज किए जाने की खबर है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि आंदोलनकारियों की १४ में से १२ मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं और शेष मामले न्यायालय के दायरे में हैं। इसके बावजूद जरांगे आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। यह यात्रा केवल आरक्षण का प्रश्न नहीं है। गणेशोत्सव और विसर्जन की तैयारियों के बीच बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों के मुंबई पहुंचने की संभावना से पुलिस और यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आंदोलनकारियों के साथ संवाद भी जारी रखे। दूसरी ओर, जरांगे के लिए भी यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर है। सरकार अधिकांश मांगें मानने का दावा कर रही है, इसलिए अब जनता की निगाह इस पर है कि शेष विवाद का समाधान कैसे निकलता है। आरक्षण का आंदोलन यदि मुंबई पहुंचता है तो यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक परीक्षा भी बनेगा।

अन्य समाचार