-गणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों में छिपे हैं अलग-अलग संकेत
शीतल अवस्थी
हिंदू धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य माना गया है। मान्यता है कि उनकी आराधना से विघ्न दूर होते हैं और शुभ कार्य सफल होते हैं। गणेश प्रश्नावली यंत्र के माध्यम से श्रद्धालु अपनी समस्याओं और प्रश्नों से संबंधित आध्यात्मिक संकेत प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्नावली का उपयोग कैसे करें?
1. शांत स्थान पर बैठकर मन एकाग्र करें।
2. पांच बार *‘ॐ नमः शिवाय’* का जाप करें।
3. इसके बाद 11 बार *‘ॐ गं गणपतये नमः’* बोलें।
4. आंखें बंद करके मन में अपना प्रश्न दोहराएं।
5. भगवान श्रीगणेश का स्मरण करते हुए प्रश्नावली यंत्र पर अंगुली घुमाएं और अचानक रोक दें।
6. अंगुली जिस अंक पर रुके, नीचे दिया उसका फलादेश पढ़ें।
64 अंकों के फलादेश
1. राम नाम का जाप करें। मनोकामना शीघ्र पूरी होने का संकेत है।
2. प्रस्तावित कार्य में हानि हो सकती है। कार्य बदलने पर विचार करें और गाय को चारा खिलाएं।
3. चिंता और कष्ट दूर होकर सफलता मिलने का संकेत है। पीपल की पूजा करें।
4. लाभ, पारिवारिक वृद्धि और सुख-संपत्ति के योग हैं। कुलदेवता की पूजा करें।
5. व्यापारिक यात्रा लाभदायक हो सकती है। शनिदेव की आराधना करें।
6. प्रतिदिन श्रीगणेश का पूजन करें। महीने के अंत तक शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
7. आर्थिक तंगी दूर होने और परिवार में वृद्धि का संकेत है।
8. धन और संतान-सुख के योग हैं। शनिवार को शनिदेव का पूजन करें।
9. ग्रहस्थिति अनुकूल है। खोई हुई वस्तु दोबारा मिलने की संभावना है।
10. शीघ्र शुभ समाचार मिल सकता है। प्रतिदिन भगवान का पूजन करें।
11. वर्तमान व्यापार में लगातार हानि हो तो दूसरा विकल्प देखें। पीपल पर जल चढ़ाएं।
12. शासन से लाभ और मान-सम्मान मिलने का संकेत है। पूर्व दिशा शुभ रहेगी।
13. अच्छा समय आने वाला है। कपड़े से संबंधित व्यवसाय लाभदायक हो सकता है।
14. मनोकामना पूरी होने, शासन से लाभ और मित्र या भाई से मिलाप के योग हैं।
15. पुत्र और धन से लाभ तथा शुभ समाचार मिलने का संकेत है।
16. देवी मां की आराधना करें। उचित मार्ग मिलने की संभावना है।
17. अच्छा समय शुरू होने, चिंता मिटने तथा धन-सुख मिलने का संकेत है।
18. यात्रा सुखद और लाभकारी रहेगी। कुलदेवी का पूजन करें।
19. समस्या दूर होने में समय लग सकता है। माता-पिता और कुलदेवता की सेवा करें।
20. शनिदेव का पूजन करें। खोई वस्तु मिलने और आर्थिक समस्या घटने का संकेत है।
21. कार्यों में सफलता और विदेश यात्रा के योग हैं। श्रीगणेश का पूजन करें।
22. घर में क्लेश हो तो माता-पिता की सेवा और नियमित पूजा करें।
23. समस्याएं शीघ्र कम होंगी। काम पर ध्यान दें और भगवान शिव की पूजा करें।
24. ग्रह अनुकूल नहीं हैं। नवग्रह पूजन करने की सलाह दी गई है।
25. आर्थिक तंगी के कारण पैदा हुआ पारिवारिक तनाव शीघ्र कम हो सकता है। लक्ष्मी पूजन करें।
26. नकारात्मक विचार त्यागें और सत्यनारायण कथा करवाएं।
27. वर्तमान कार्य हितकारी नहीं दिखता। दूसरा विकल्प सोचें और कुलदेवता का पूजन करें।
28. पीपल के वृक्ष की पूजा कर दीपक जलाएं। तनाव कम होने और धनलाभ का संकेत है।
29. ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा करें। सफलता एवं पारिवारिक शांति मिलेगी।
30. रविवार का व्रत और सूर्य पूजा करें। नौकरी या व्यापार में सावधानी रखें।
31. व्यापार में लाभ और घर में प्रसन्नता का संकेत है। बच्चों को मिठाई बांटें।
32. व्यर्थ चिंता न करें। परिस्थितियां सुधर रही हैं। गाय को चारा खिलाएं।
33. माता-पिता की सेवा, ब्राह्मण भोजन और श्रीराम पूजा से अभिलाषा पूरी होगी।
34. धन-धान्य और परिवार में वृद्धि के योग हैं। कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं।
35. परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। बुजुर्गों की सलाह लें और दत्तात्रेय का पूजन करें।
36. रोज श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाएं। धैर्य रखने से कठिनाइयां दूर होंगी।
37. वर्तमान कार्य जारी रखें। आगे लाभ मिलेगा। भगवान विष्णु की पूजा करें।
38. धनहानि से न घबराएं। अनुकूल समय आने वाला है। हनुमानजी को सिंदूर अर्पित करें।
39. सत्यनारायण कथा करवाने से कष्टों के निवारण और सफलता का संकेत है।
40. हनुमानजी का पूजन करें। खेती और व्यापार में लाभ के योग हैं।
41. धन प्राप्ति, परिवार में वृद्धि और चिंता से मुक्ति का संकेत है। कुलदेवी की पूजा करें।
42. शीघ्र सफलता मिलेगी। माता-पिता और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा; खर्च नियंत्रित रखें।
43. रुका कार्य पूरा होगा और आर्थिक समस्या घटेगी। श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अर्पित करें।
44. धार्मिक कार्यों और नियमित पूजा से बिगड़े काम बन सकते हैं।
45. धैर्य रखें और अनावश्यक चिंता छोड़ें। मनोवांछित फल मिलने का संकेत है।
46. धार्मिक यात्रा लाभकारी हो सकती है। गायत्री मंत्र का जाप करें।
47. प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें। शत्रु-भय दूर होने और मनोकामना पूरी होने का संकेत है।
48. वर्तमान कार्य जारी रखें। पुराने मित्रों से मुलाकात लाभकारी रहेगी। पीपल पर जल चढ़ाएं।
49. आर्थिक समस्या के लिए श्रीसूक्त का पाठ और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
50. आपका अधिकार मिलने का संकेत है। मन लगाकर काम और नियमित पूजा करते रहें।
51. इच्छित व्यापार में सफलता संभव है। गलत तरीके से धन कमाने से बचें और दान करें।
52. एक महीने में परेशानियां कम होने का संकेत है। कन्याओं को भोजन कराएं।
53. विदेश यात्रा लाभकारी हो सकती है। श्रीगणेश की आराधना करें।
54. महत्वपूर्ण कार्य सलाह लेकर करें। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें।
55. मंदिर में प्रतिदिन दीपक जलाएं। लाभ और मनोकामना पूर्ति के संकेत हैं।
56. परिजन की बीमारी को लेकर चिंतित हैं तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
57. समय अभी अनुकूल नहीं है। काम पर ध्यान दें और गाय को रोटी खिलाएं।
58. धन-संपत्ति के योग हैं। धैर्य रखें और मां लक्ष्मी को नारियल अर्पित करें।
59. कार्य पूरा होगा, लेकिन किसी का सहयोग लेना पड़ सकता है। शनिदेव की उपासना करें।
60. परिजनों से मनमुटाव न रखें। हनुमान मंदिर में चौमुखी दीपक जलाएं।
61. करियर की चिंता में श्रीगणेश की पूजा लाभकारी मानी गई है।
62. शिव मंदिर में प्रतिदिन एक लोटा जल चढ़ाकर दीपक जलाएं। रुके कार्य आगे बढ़ेंगे।
63. जिस कार्य के विषय में पूछ रहे हैं, वह शुभ नहीं दिखता। नवग्रह पूजन करें।
64. आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं। समस्या के समाधान का संकेत है।
-यह प्रश्नावली धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। स्वास्थ्य, धन, नौकरी, विवाह या कानूनी मामलों के महत्वपूर्ण निर्णय केवल इसके फलादेश के आधार पर न लें।
