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पैकेट पर सच कब दिखेगा?..सुप्रीम कोर्ट ने एफएसएसएआई से फ्रंट -ऑफ-पैक चेतावनी नियमों पर तेजी मांगी

सामना संवाददाता / मुंबई
पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर चीनी, नमक और संतृप्त वसा की साफ चेतावनी कब दिखेगी कि यह सवाल अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है। अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई से फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग के अंतिम नियम लागू करने की दिशा में तेजी दिखाने को कहा और मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने एफएसएसएआई से कहा कि उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की वास्तविक पोषण स्थिति स्पष्ट रूप से बताने की व्यवस्था में और देरी नहीं होनी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि नियामक संस्था उसे ‘निराश’ न करे। मामला उन पैकेटबंद उत्पादों से जुड़ा है जिनमें चीनी, नमक और संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है, लेकिन उपभोक्ता को यह जानकारी सामने की तरफ तुरंत और स्पष्ट रूप से नहीं मिलती। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि चेतावनी लेबल मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद कर सकते हैं।

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