-अमेरिका-ईरान वार्ता अटकी तो ब्रेंट १०८
-डॉलर तक उछला; सेंसेक्स १,१२४ अंक टूटा
सामना संवाददाता / मुंबई
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अटकते ही उसका असर तेल से लेकर दलाल स्ट्रीट, रुपया, सरकारी बॉन्ड और सोने तक दिखने लगा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड ३.७ प्रतिशत तक उछलकर १०८ डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का होर्मुज खोलने और संघर्ष समाप्त करने वाला प्रस्ताव ठुकराया था, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंता फिर बढ़ गई।
महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा!
भारत पर इसका असर तुरंत शेयर बाज्aाार में दिखा। सेंसेक्स १,१२४ अंक यानी १.५२ प्रतिशत टूटकर ७२,७७१.७२ पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी १.५६ प्रतिशत गिरकर २२,७८०.२५ पर आ गया। सभी १६ प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे। महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ाने का खतरा पैदा करता है।
रुपए और सरकारी कर्ज बाजार पर भी दबाव बढ़ रहा है। शुक्रवार को रुपया ९५.८१५० प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि १० वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड लगातार छठे सप्ताह बढ़कर ७.११९४ प्रतिशत पहुंची। बाजार अब रिजर्व बैंक से सख्त मौद्रिक रुख की आशंका भी जोड़ रहा है। ऊर्जा मोर्चे पर एक छोटी राहत यह है कि होर्मुज से तेल और कुछ एलएनजी जहाजों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन प्रवाह अभी युद्ध-पूर्व स्तर से काफी नीचे है। कतर ने यूरोप और कुछ एशियाई ग्राहकों को एलएनजी आपूर्ति में देरी की चेतावनी दी है। उधर सोना सुरक्षित निवेश साबित होने के बजाय सोमवार को ३.३ प्रतिशत टूटकर ४,१४६.५१ डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो सात सप्ताह से अधिक का निचला स्तर है। वजह है महंगा तेल, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरें और बढ़ने की आशंका।
