-अनुमति रोककर भी नहीं रोक पाई पुलिस;
-शिवाजी पार्क से गरजा जेन-ज़ी-‘वोट चोर, गद्दी छोड़’
– ज्ञानेश कुमार और मोदी के इस्तीफे की मांग
– ‘जेल भरो’ आंदोलन में उमड़ा युवाओं का सैलाब
-मैदान में प्रवेश रोका तो सड़क पर जम गए प्रदर्शनकारी
दृप्ति झा / मुंबई
मुंबई। सरकार ने अनुमति रोकी, मैदान के रास्ते बंद किए और कार्रवाई का डर दिखाया, लेकिन शुक्रवार को शिवाजी पार्क पहुंचा युवाओं का जनसैलाब नहीं रुका। कॉकरोच जनता पार्टी के ‘जेल भरो आंदोलन’ में उमड़े जेन-ज़ी युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘शर्म करो मोदी सरकार’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारों से पूरे दादर को गुंजा दिया।
आंदोलनकारियों को शिवाजी पार्क मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया तो उन्होंने सड़क को ही आंदोलन का मैदान बना दिया। देखते-देखते शिवाजी पार्क से मुख्य सड़क तक हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोगों की भीड़ फैल गई। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक इस विरोध में शामिल हुए। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरव दास के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी, एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके वोट का अधिकार छीनने की कोशिश हुई तो देश की सड़कें आंदोलन से भर दी जाएंगी।
दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर पर रोक, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग रखी। उन्होंने घोषणा की कि मुंबई से उठा यह आंदोलन अब गोवा, कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली तक पहुंचेगा। नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और विशाल ददलानी जैसे फिल्म और सांस्कृतिक जगत के चेहरों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। शिवाजी पार्क से उठी हुंकार साफ थी—‘अब रुकेंगे नहीं, अब झुकेंगे नहीं!’
शिवाजी पार्क से देशभर में फैलेगी चिंगारी
सीजेपी नेतृत्व ने शिवाजी पार्क के प्रदर्शन को राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत बताया। अभिजीत दीपके ने कहा कि मुंबई के बाद गोवा, कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल आंदोलन की तैयारी होगी। सीजेपी की योजना छात्रों, बेरोजगार युवाओं, सामाजिक संगठनों और मतदाता सूची से प्रभावित नागरिकों को एक मंच पर लाने की है। संगठन ने साफ किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर पर रोक और स्वतंत्र जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को शिवाजी पार्क से उठी चिंगारी को अब देश के हर हिस्से तक पहुंचाने का ऐलान किया गया है।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ से गूंजा दादर
शिवाजी पार्क और उसके आसपास शुक्रवार को ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘शर्म करो मोदी सरकार’ और ‘अब रुकेंगे नहीं, अब झुकेंगे नहीं’ जैसे नारे गूंजते रहे। युवाओं ने पोस्टरों और तख्तियों के माध्यम से मतदाता सूची, एसआईआर और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। नारेबाजी का केंद्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वोट नागरिक का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अधिकार है और इसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवाओं की नारेबाजी से पूरे दादर इलाके में प्रदर्शन का माहौल बना रहा।
हिंदू-मुस्लिम नहीं, अब वोट और रोजगार की बात
शिवाजी पार्क के मंच से युवाओं ने देश को हिंदू-मुस्लिम राजनीति से बाहर निकालने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक विवादों के जरिए बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई, शिक्षा और मतदाता अधिकार जैसे असली सवालों को दबाया जाता रहा है। अब युवा इस जाल में फंसने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका धर्म लोकतंत्र और उनका अधिकार वोट है। सरकार को जवाब देना होगा कि रोजगार कहां हैं, परीक्षाएं सुरक्षित क्यों नहीं हैं और मतदाता सूचियों से नाम किस आधार पर हटाए जा रहे हैं। युवाओं ने घोषणा की कि आगामी आंदोलनों में धार्मिक विभाजन के बजाय संवैधानिक अधिकारों और जनता की रोजमर्रा की समस्याओं को केंद्र में रखा जाएगा।
