-मुख्यमंत्री ने लगाया अराजकता का आरोप
-सिब्बल बोले, बदलाव की मांग जनता की भावना
सामना संवाददाता / मुंबई
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ आंदोलन अब ‘सत्ता परिवर्तन’ की बहस में बदल गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता पैैâलाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। दूसरी ओर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सरकार बदलने की मांग को जनभावना से जोड़ते हुए भाजपा के आरोपों को चुनौती दी।
फडणवीस ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण की टिप्पणी का हवाला देकर कहा कि विपक्ष के आंदोलन का वास्तविक उद्देश्य सामने आ गया है। उनका आरोप है कि चुनाव के माध्यम से सत्ता में आने की संभावना नहीं देखकर विपक्ष अशांति का रास्ता अपना रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान लागू रहते सरकार का परिवर्तन चुनाव के जरिए ही होगा।
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बांग्लादेश संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा कि बदलाव की मांग लोगों की इच्छा से पैदा होती है। विपक्ष का तर्क है कि सरकार की नीतियों का विरोध और संवैधानिक तरीके से राजनीतिक परिवर्तन की मांग लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
विवाद की पृष्ठभूमि में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर आंदोलन जारी है। भूषण ने भी सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करने को लोकतांत्रिक अधिकार बताया है। फिलहाल अराजकता अथवा गैरलोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन संबंधी आरोप राजनीतिक बयान हैं। इन्हें किसी न्यायिक जांच का स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
