-एम एम एस
मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी पुलिस थाने में करीब ३०० वर्ष पुरानी नौ सिरों वाली रावण प्रतिमा की विजयादशमी पर पूजा की गई। सामान्य दस सिरों के बजाय नौ सिर होने के पीछे स्थानीय मान्यता है कि रावण ने अपना एक सिर भगवान शिव को अर्पित किया था। प्रतिमा थाना परिसर में सुरक्षित रखी गई है और पुलिस उसकी नियमित रखवाली करती है। स्थानीय लोग रावण को विद्वान तथा शिवभक्त के रूप में पूजते हैं, इसलिए यहां पुतला जलाने के बजाय फूल, दीप और प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। यह परंपरा दशहरे की स्थानीय विविधता का उदाहरण है। अब भई, देशभर की पुलिस रावण-दहन मैदानों पर सुरक्षा दे रही है, लेकिन कोठी थाने की ड्यूटी उलटी है-यहां रावण को आग से बचाना ही कानून-व्यवस्था का हिस्सा है!
बैंड बजा तो मधुमक्खियां भड़कीं; विसर्जन जुलूस दौड़ता हुआ अस्पताल पहुंचा!
देवास जिले के राजोदा गांव में जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। कुएं के पास पेड़ पर छत्ता था और जुलूस के बैंड-बाजे तथा तेज आवाज से उसके distuRed होने की आशंका जताई जा रही है। अलग-अलग प्राथमिक सूचनाओं में घायलों की संख्या २० से अधिक बताई गई, जबकि ११ लोगों को जिला अस्पताल लाए जाने की पुष्टि हुई। अन्य घायलों का निजी तथा स्थानीय अस्पतालों में उपचार हुआ। कई लोग डंक से बचने के लिए काफी दूर तक भागे और कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। किसी गंभीर निष्कर्ष से पहले प्रशासन घटना की परिस्थितियां जांच रहा है। अब भई, जुलूस में बैंड ने सोचा होगा धुन श्रद्धालुओं के लिए बज रही है; पेड़ पर बैठी मधुमक्खियों ने इसे अपने छत्ते के खिलाफ युद्ध-घोषणा समझ लिया!
मानसून विदा होकर फिर लौट आया?
चौदह जिलों ने छाता दोबारा निकाला!
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई घोषित होने के बाद मौसम ने फिर पलटी मारी है। इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के १४ जिलों में अगले ७२ घंटे बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना जताई गई है। नमी, स्थानीय परिसंचरण और मौसम प्रणालियों के असर से पांच दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अचानक बारिश से खुले में रखी खरीफ उपज, मंडियों का अनाज और त्योहारों के आयोजन प्रभावित हो सकते हैं। किसानों तथा आयोजन समितियों को स्थानीय चेतावनी देखते रहने की सलाह दी गई है। यह मानसून की औपचारिक वापसी नहीं, बल्कि मानसूनोत्तर वर्षा की स्थिति है। अब भई, मौसम विभाग ने मानसून को विदाई-पत्र दे दिया था, लेकिन बादलों ने शायद लिफाफा पढ़ा ही नहीं-चौदह जिलों में फिर हाजिरी लगाने निकल पड़े!
कैदी को जेल पहुंचाया, फिर वर्दी और इंसास सड़क किनारे सो गई!
दुर्ग जिले के एक सहायक उपनिरीक्षक और आरक्षक को अंबिकापुर बस स्टैंड के पास कथित रूप से नशे की हालत में पड़े मिलने के बाद निलंबित कर दिया गया। दोनों एक वैâदी को अंबिकापुर जेल पहुंचाने आए थे। कैदी को दाखिल कराने के बाद वापसी से पहले स्थानीय लोगों ने उन्हें सड़क किनारे एक दुकान के पास बेसुध देखा। अधिक गंभीर बात यह रही कि सहायक उपनिरीक्षक की सरकारी इंसास राइफल पास में असुरक्षित पड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस दल ने हथियार कब्जे में लिया और दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की। नशे की अंतिम पुष्टि चिकित्सा तथा जांच रिपोर्ट से होगी। अब भई, कैदी तो सुरक्षित जेल पहुंच गया, लेकिन उसके पहरेदारों ने अपनी वर्दी, राइफल और विभाग की प्रतिष्ठा-तीनों को बस स्टैंड पर लावारिस छोड़ दिया!
