मुख्यपृष्ठनए समाचारआंदोलन पर लाठी, भारत से जवाब मांग रहे संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ!

आंदोलन पर लाठी, भारत से जवाब मांग रहे संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ!

 -स्वतंत्र जांच की मांग; प्रदर्शनकारियों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग और हिरासत के तरीकों पर अंतर्राष्ट्रीय सवाल

एजेंसी /वॉशिंगटन

भारत में मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ हाल में हुए प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र से जुड़े स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है। रॉयटर्स की २१ अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने कथित अत्यधिक बल प्रयोग की स्वतंत्र जांच कराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर व्यापक प्रतिबंध लगाने से बचने की अपील की।
विशेषज्ञों ने आरोप लगाया कि निहत्थे विद्यार्थियों सहित प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और अनेक लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया। उन्होंने डिजिटल निगरानी, बायोमेट्रिक तकनीक और इंटरनेट बाधित करने जैसे उपायों के संभावित दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। हाल के विरोध प्रदर्शनों में विपक्षी दल और छात्र संगठन निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग का कहना है कि प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, दोहरी या अन्य अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है और गलत तरीके से बाहर हुए पात्र नागरिकों के लिए अपील की व्यवस्था मौजूद है। भारत सरकार पहले भी ऐसी अंतर्राष्ट्रीय आलोचनाओं को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताकर खारिज करती रही है। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्रवाई कानून के अनुसार की गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि विशेषज्ञों के आरोप अभी स्वतंत्र जांच से सिद्ध निष्कर्ष नहीं हैं। लेकिन उनकी जांच की मांग ने भारत में विरोध प्रदर्शन और नागरिक स्वतंत्रताओं की बहस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया है।

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