उमेश गुप्ता / वाराणसी
कर्तव्य की वेदी पर जनसुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में शरद पूर्णिमा की शाम दशाश्वमेध घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में पीएसी के बैंड की धुनों के बीच शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सूर्यास्त के बाद चांदनी के बीच घाट पर बांस की टोकरियों में सजे आकाशदीप चंद्रहार की तरह दमक उठे। वहीं, मां गंगा की धारा में 101 दीपों का दान किया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ समेत अन्य विशिष्टजनों ने पुलिस-पीएसी के 11 बलिदानी जवानों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्वलित किए। इस दौरान शहीद जवानों के नामों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इससे पूर्व पांच वैदिक आचार्यों ने मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया। गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ने बताया कि कार्तिक मास में पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में गंगा तट पर आकाशदीप प्रज्वलित किए जाते हैं। मान्यता है कि ये दीप दिवंगत आत्माओं के मार्ग को आलोकित करते हैं। कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है। आकाशदीप शहीदों के प्रति समाज की श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक हैं।
इस अवसर अतिथि के रूप में महंत महामंडलेश्वर १००८ सुकदो दास महाराज ब्रह्म ऋषि बनखंडी आश्रम,अंगद जी सेंट्रल बैंक रीजनल मैनेजर,
डिप्टी जोनल हेड यूको बैंक अशोक गुप्ता,
दिलीप कुमार पूर्व असिस्टेंट कमांडेंट सीआरपीएफ के साथ ही आयोजन समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे, कन्हैया त्रिपाठी, गंगेश्वरधर दुबे समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन नमामि गंगे के संयोजक राजेश शुक्ला ने किया।
