-गिरफ्तार आरोपी के बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म से संबंध पर परिवहन विभाग एक्टिव; कंपनी बोली, घटना के समय सक्रिय चालक नहीं था
सामना संवाददाता / मुंबई
अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित गोलीबारी मामले की जांच अब बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए भी सवाल खड़े कर रही है। मामले में गिरफ्तार एक युवक का बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म से संबंध सामने आने की रिपोर्टों के बाद महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने संबंधित कंपनी से उसके पंजीकरण और चालक सत्यापन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से ऐप आधारित परिवहन सेवाओं में चालकों की पहचान, पुलिस सत्यापन और यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, संबंधित कंपनी ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार युवक घटना के समय उसके प्लेटफॉर्म पर सक्रिय चालक नहीं था। इसलिए केवल उसके पूर्व पंजीकरण या प्लेटफॉर्म से किसी संबंध के आधार पर कंपनी की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। मामले में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बाइक टैक्सी कंपनियों चालकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने से पहले किन दस्तावेजों की जांच करती है। क्या पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाता है? किसी चालक की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की जानकारी मिलने पर उसे निष्क्रिय करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? ऐप आधारित परिवहन सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को यह भरोसा होना चाहिए कि जिस व्यक्ति के साथ वे यात्रा कर रहे हैं, उसकी पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की जांच नियमानुसार हुई है।
परिवहन विभाग को यह भी स्पष्ट करना होगा कि संबंधित कंपनी ने किन नियमों का पालन किया और किन बिंदुओं पर उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल आरोपी के विरुद्ध आरोपों की जांच जारी है। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। सवाल यह है कि बाइक टैक्सी सेवाओं में चालक सत्यापन की व्यवस्था केवल कागजी औपचारिकता है या यात्रियों की सुरक्षा की वास्तविक गारंटी।
