सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना पार्टी और `धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न के मामले की सुनवाई दिवाली के बाद होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाली बेंच के समक्ष शिवसेना का यह मुकदमा लंबित है। साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। आज की कार्यसूची में इस मामले के सूचीबद्ध होने की उम्मीद थी। हालांकि, अदालत ने लगभग एक महीने बाद, यानी २३ नवंबर को अगली सुनवाई तय की है।
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने `गद्दार शिंदे गुट’ को पार्टी का नाम और `धनुष-बाण’ चिह्न देने के फैसले को चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की बेंच के समक्ष फिलहाल इस मुकदमे की अंतिम सुनवाई चल रही है। पिछले साढ़े तीन साल से अटके इस मामले को पिछले महीने से गति मिली है। अगली सुनवाई में `गद्दार विधायकों’ की अयोग्यता को लेकर पक्ष रखा जाएगा। अदालत की वेबसाइट पर मौजूद रिकॉर्ड के अनुसार, अगली सुनवाई २६ अक्टूबर को होनी थी। हालांकि, अगले हफ्ते भर के मामलों की सूची तय करते हुए शिवसेना की सुनवाई को सीधे नवंबर की `नई तारीख’ मिल गई है। इसके चलते अब सभी की निगाहें २३ नवंबर पर टिकी हैं।
