मुख्यपृष्ठधर्म विशेषदीपावली से पहले घर की शुद्धि; सफाई के साथ मन का परिष्कार

दीपावली से पहले घर की शुद्धि; सफाई के साथ मन का परिष्कार

-शीतल अवस्थी

लक्ष्मी के स्वागत के नाम पर केवल सजावट पर्याप्त नहीं है। स्वच्छता, सुव्यवस्था, कर्ज का हिसाब और संबंधों की कटुता दूर करना भी दीपावली की तैयारी का हिस्सा है।
दीपावली आने से पहले घरों की सफाई, रंगाई और अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता में स्वच्छ स्थान को देवी लक्ष्मी का प्रिय निवास कहा गया है। इसका व्यावहारिक पक्ष भी स्पष्ट है; साफ और व्यवस्थित घर स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा मानसिक शांति प्रदान करता है।
सफाई की शुरुआत पूजा-स्थान, रसोई, जल-संग्रह और प्रवेश-द्वार से करें। टूटे विद्युत तार, खराब दीपमाला और ज्वलनशील सजावट अलग कर दें। अनुपयोगी, लेकिन उपयोग योग्य वस्तुओं को फेंकने के बजाय जरूरतमंदों को दें। धार्मिक चित्र अथवा पूजा-सामग्री नदी में डालने के बजाय सम्मानपूर्वक स्थानीय व्यवस्था के अनुसार उनका निस्तारण करें।
आर्थिक शुद्धि भी उतनी ही आवश्यक है। बकाया भुगतान, घरेलू बजट, अनावश्यक सदस्यता और अधिक ब्याज वाले ऋण की समीक्षा करें। लक्ष्मी पूजन का भाव ईमानदार आय, उचित खर्च और नियमित बचत से जुड़ने पर अधिक सार्थक होता है।
परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर पुराने विवाद शांत करने तथा दीपावली सरल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाने का संकल्प लें। घर से धूल हटाना बाहरी शुद्धि है; अहंकार, ईर्ष्या और कटुता हटाना भीतर की सफाई है।
धार्मिक मान्यताएं आस्था का विषय हैं; स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी मामलों में विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।

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