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दारूभट्ठी में मौत का खेल!

– तड़ीपार ने रची लाश छिपाने की साजिश!
– तड़ीपारों की ‘नो-एंट्री’ सिर्फ कागजों पर?
-अवैध भट्ठी में मौत के बाद सामने आया खौफनाक सच!

सुरेश गोलानी / मुंबई

मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगड जिलों की सीमाओं से तड़ीपार (निष्कासन) किए गए आदतन अपराधियों का शहर में अवैध रूप से वापस लौटना मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। ताजा मामला उत्तन इलाके का है, जहां एक अवैध शराब भट्ठी पर हुई युवक की मौत को छिपाने के लिए एक शातिर तड़ीपार अपराधी ने खौफनाक साजिश रच डाली। उत्तन के सरकारी भूखंड पर अतिक्रमण कर सेबेस्टियन मेंडोसा नाम का अपराधी अवैध रूप से देसी शराब की भट्ठी चला रहा था। भट्ठी पर काम करते समय गैस सिलेंडर फटने से रीतू चौधरी नामक ३२ वर्षीय श्रमिक की झुलसकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी सेबेस्टियन मेंडोसा के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में पहले से ही १० से १५ गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस उपायुक्त के आदेशानुसार उसे एक साल के लिए तड़ीपार (शहर से निष्कासित) किया गया था। इसके बावजूद वह अवैध रूप से उत्तन में आकर धड़ल्ले से अपराध को अंजाम दे रहा था।

हादसे के बाद अपनी अवैध शराब भट्ठीr और तड़ीपार होने की बात छिपाने के लिए सेबेस्टियन ने मृतक के शव को कामगारों के कमरे में शिफ्ट किया और डीजल छिड़ककर आग लगा दी, ताकि मामला खाना बनाते समय हुए हादसे जैसा लगे। उत्तन पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस झूठी कहानी का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने जाल बिछाकर सेबेस्टियन को इगतपुरी से गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस को गुमराह करने और झूठी जानकारी देने के आरोप में उसकी पत्नी के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में तड़ीपार अपराधियों के अवैध प्रवेश की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों में करीब दो दर्जन तड़ीपार अपराधी अवैध प्रवेश के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद इन अपराधियों में कानून का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।
हादसे से खुली अवैध हाथभट्ठियों की पोल
उत्तन में हुई इस दर्दनाक घटना ने केवल तड़ीपार अपराधियों की बेखौफ आवाजाही को ही उजागर नहीं किया है, बल्कि स्थानीय आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके धड़ल्ले से चलाई जा रही इस अवैध देसी शराब की भट्ठी की भनक आबकारी विभाग को आखिर क्यों नहीं लगी? स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में ऐसी कई अवैध हाथभट्टियां खुलेआम सक्रिय हैं, लेकिन आबकारी विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है या जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है।

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