-चुनाव में बहुमत नहीं मिला तो चार सरकारी संचालकों के जरिए सत्ता पलटने की तैयारी
-बंटी पाटील बोले, `किसानों का जनादेश कुचला तो सड़कों पर उतरेंगे’
सामना संवाददाता / कोल्हापुर
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने कोल्हापुर जिला दूध उत्पादक संघ (गोकुल) पर कब्जा जमाने के लिए बड़ा दांव चला है। सरकार ने गोकुल में मतदान के अधिकार वाले चार सरकारी संचालकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे अध्यक्ष पद का चुनावी गणित बदल सकता है। सरकार के इस पैâसले पर कांग्रेस नेता सतेज उर्फ बंटी पाटील ने तीखी नाराजगी जताई है।
गोकुल के २५ संचालकों में बंटी पाटील के समर्थक गुट के १३ और महायुति के १२ संचालक हैं। अध्यक्ष चुने जाने के लिए १४ सदस्यों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में चार सरकारी संचालकों की नियुक्ति से महायुति को सत्ता हासिल करने का रास्ता मिल सकता है। बंटी पाटील ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि साढ़े पांच लाख दूध उत्पादक किसानों ने अपना जनादेश दिया है। सरकार इस जनादेश को नकारेगी तो हम चुप नहीं बैठेंगे। सभी कानूनी विकल्प अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने महायुति पर तंज कसते हुए कहा कि अगर दो संचालकों के समर्थन की जरूरत है तो महानगरपालिका में हमारे पांच नगरसेवक कम हैं, महायुति हमें समर्थन देकर हमारा महापौर बनवाए। उन्होंने भरोसा जताया कि १० नवंबर की बैठक में शशिकांत पाटील चुयेकर ही गोकुल के अध्यक्ष बनेंगे।
