मुख्यपृष्ठनए समाचारहाईवे पर मौत का ढांचा!

हाईवे पर मौत का ढांचा!

-आनंदनगर-साकेत एलिवेटेड रोड का लोहे का फ्रेम टैक्सी पर गिरा
– एमएमआरडीए की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में
 संदीप पांडेय / मुंबई
मुंबई की सड़कों पर दौड़ते वाहनों के ऊपर अब निर्माणाधीन फ्लाईओवर का भारी-भरकम लोहे का ढांचा भी गिरने लगा है। ठाणे के कोपरी ब्रिज के पास ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर शनिवार को आनंदनगर-साकेत एलिवेटेड रोड के पिलर का लोहे का ढांचा झुककर मुंबई की ओर जा रही एक टैक्सी पर गिर पड़ा। यह महज निर्माण स्थल पर हुई छोटी-मोटी चूक नहीं, बल्कि व्यस्त हाईवे से गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा पर खड़ा हुआ गंभीर सवाल है। टैक्सी की जगह अगर कोई बाइक सवार होता, तो क्या नतीजा होता? क्या किसी की जान जाने के बाद ही लापरवाही की गंभीरता समझ में आती?
एमएमआरडीए ने घटना के बाद संबंधित ठेकेदार पर २ करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाने की घोषणा की है। क्या भारी लोहे के ढांचे को स्थिर रखने, उसकी मजबूती जांचने और उसके नीचे से गुजर रहे यातायात को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सिर्फ हादसे के बाद जुर्माना लगाने से पूरी हो जाती है? सरकारी एजेंसी का काम केवल नुकसान के बाद रकम तय करना नहीं, बल्कि ऐसी नौबत ही न आने देना है।
आनंदनगर-साकेत परियोजना के आसपास इससे पहले भी निर्माण संबंधी हादसों की खबरें सामने आ चुकी हैं। ८ अक्टूबर को क्रेन पलटने और सुरक्षा बैरिकेड ऑटो-रिक्शा पर गिरने की घटना की रिपोर्ट आई थी। ८ अप्रैल को कोपरी ब्रिज के पास इसी परियोजना के काम में लगी क्रेन पलटने की खबर भी सामने आई थी।
पेनल्टी नहीं, जवाबदेही चाहिए!
एमएमआरडीए केवल ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता है। विकास के नाम पर सड़क को मौत का जोखिम क्षेत्र नहीं बनाया जा सकता। आज टैक्सी पर लोहे का ढांचा गिरा; कल किसी परिवार की जिंदगी इसकी चपेट में आ सकती है।

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