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पुणे जिले में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या…फडणवीस के राज में कानून-व्यवस्था फेल!

-प्रायश्चित करें और गृहमंत्री पद से दें इस्तीफा

-कांग्रेस की जोरदार मांग

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही बेहद खराब है और अब राज्य में महिलाएं व छोटी बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं। पुणे जिले में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की घटना राज्य के लिए कलंक है। यह गृह विभाग की बड़ी विफलता को दर्शाती है। अपराधियों पर पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। राज्य को पूर्णकालिक गृहमंत्री नहीं होने के कारण अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कम से कम नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और राज्य को एक सक्षम पूर्णकालिक गृहमंत्री देना चाहिए। इस तरह की मांग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गृह विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार पैâला हुआ है। बीड जिले के संतोष देशमुख प्रकरण की क्रूरता, स्वारगेट एसटी स्टैंड पर बलात्कार, केंद्रीय मंत्री के घर की लड़कियों से छेड़छाड़, बदलापुर में स्कूली छात्राओं के साथ यौन अत्याचार, अशोक खरात प्रकरण, महिलाओं और लड़कियों के लापता होने की घटनाएं ये सभी गंभीर व चिंताजनक हैं।
खुलेआम ड्रग्स का कारोबार
राज्य में ड्रग्स का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और महाराष्ट्र ‘उड़ता महाराष्ट्र’ बनता जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है। ऐसे में गृहमंत्री से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा थी, लेकिन केवल घोषणाएं हो रही हैं, कार्रवाई नहीं। महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति के लिए सीधे गृहमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है और जनता, प्रशासन तथा कानून-व्यवस्था के बीच ‘मिसिंग लिंक’ पैदा हो गया है।
आधार कार्ड की हो रही मांग
अब जनगणना के लिए आधार कार्ड की मांग की जा रही है और उसे लिंक किया जा रहा है, जबकि मतदाता सूची से इसे नहीं जोड़ा जा रहा। इस पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे भी उपस्थित थे।
केंद्र ने पूरे नहीं किए वादे
देश में जनगणना शुरू होने के बावजूद जातिगत जनगणना नहीं की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन अब उसे लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कथन और कर्म में अंतर है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी, हर साल दो करोड़ रोजगार, किसानों की आय दोगुनी करने और रुपए की गिरावट रोकने जैसे वादे पूरे नहीं हुए।

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