संदीप पांडेय / मुंबई
ठाणे में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड का भारी लोहे का ढांचा चलती कार पर गिरने की घटना के बाद भी क्या मुंबई में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्कता बरती जा रही है? प्रभादेवी रेलवे स्टेशन के पास बन रहे दोहरा मंजिला पुल इस सवाल को गंभीर बनाता है। यहां ऊंचाई पर भारी स्टील गर्डर, ट्रस और उन्हें जोड़ने वाले लोहे के हिस्सों का निर्माण कार्य हो रहा है। ठीक नीचे से रेलवे स्टेशन जाने वाले राहगीरों की आवाजाही जारी है। ऐसे में निर्माण के दौरान कोई औजार या सामग्री नीचे गिरने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या नीचे से गुजरने वाले यात्रियों को गिरने वाली सामग्री से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित एजेंसियों को देना चाहिए। सड़क किनारे लोहे के बैरिकेड लगा देना अपने आप में सुरक्षा की गारंटी नहीं है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन हर बार हादसे के बाद जुर्माने की कार्रवाई करके अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेगा? निर्माण स्थल पर पहले से ऐसे इंतजाम क्यों नहीं हों कि किसी मजदूर का औजार या कोई भारी सामग्री नीचे गिरकर किसी की जान के लिए खतरा न बने? प्रभादेवी में पुराने एलफिंस्टन पुल की जगह नया दोहरा मंजिला पुल बनाया जा रहा है। यह शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर परियोजना से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है।
