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एसआईआर में खामियों पर कांग्रेस का हमला

-वर्षा गायकवाड़ बोलीं-मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं; प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात कर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण की जटिल प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूटने का खतरा है। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म ६, ७ और ८ से जुड़ी कई गड़बड़ियां सामने आई हैं और कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
फॉर्म ६, ७ और ८ में गड़बड़ियों का आरोप
वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया आम नागरिकों के लिए बेहद जटिल साबित हो रही है। इससे पात्र मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायतों के समर्थन में संबंधित सबूत मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपने की बात कही और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में जल्दबाजी न की जाए और नागरिकों को अपने नाम, पते या अन्य विवरणों से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया। इस बैठक में पूर्व मंत्री असलम शेख और नसीम खान, विधायक अमीन पटेल, डॉ. ज्योति गायकवाड़, चरणसिंह सप्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

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