सामना संवाददाता / नई दिल्ली
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर संगठन की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एसईएम कोर्ट में हुई कार्यवाही को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए जांच की मांग की। रत्ना सिंह ने कहा, ‘एसईएम कोर्ट में हमने जो देखा, वह किसी सर्कस से कम नहीं है। यहां जो कुछ हो रहा है, उसकी जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि ये लोग किस तरह किसी की आजादी को कुचलकर काम कर रहे हैं।’ उनके बयान ने हिरासत की प्रक्रिया और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सवाल को प्रमुखता से सामने रखा है। सिंह ने कार्यवाही के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित लोगों की आजादी कुचली जा रही है। उपलब्ध बयान में हिरासत बढ़ाने के आदेश का विस्तृत आधार नहीं बताया गया है। रत्ना सिंह की आपत्तियां सीजेपी का पक्ष हैं। अदालत के आदेश और संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आने पर हिरासत बढ़ाए जाने की वजह तथा उठाई गई आपत्तियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी; लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने एसईएम कोर्ट की कार्यवाही पर उठाए सवाल
