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नाईक को शिंदे का तगड़ा झटका!

– नई मुंबई में क्लस्टर परियोजनाओं पर लगी रोक हटी, वन मंत्री की रणनीति ध्वस्त?
– वाशी-घनसोली की पांच परियोजनाओं को हरी झंडी, अब अदालत जाने की चेतावनी
सामना संवाददाता / नई मुंबई
नई मुंबई की राजनीति में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और वन मंत्री गणेश नाईक के बीच जारी टकराव अब विकास परियोजनाओं तक पहुंच गया है। शिंदे के नेतृत्व वाले शहरी विकास विभाग ने क्लस्टर विकास परियोजनाओं पर लगी रोक हटाकर नाईक और उनके समर्थकों को बड़ा झटका दिया है। वाशी और घनसोली की पांच बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने से भाजपा की स्थानीय रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। अब नाईक ने इस पैâसले के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी दी है।
दरअसल, नई मुंबई महानगरपालिका में सत्तारूढ़ भाजपा ने नाईक की पहल पर प्रस्ताव पारित किया था कि शहर के बुनियादी ढांचे पर क्लस्टर परियोजनाओं के प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन किए बिना इन्हें मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। इसके जरिए परियोजनाओं को रोकने का रास्ता तैयार हुआ। हालांकि, शहरी विकास विभाग के ताजा पैâसले ने इस रोक को निष्प्रभावी कर दिया है।
नई मुंबई महानगरपालिका में भाजपा और शिंदे की शिवसेना के बीच राजनीतिक खींचतान पहले से जारी है। परिवहन समिति में शिवसेना के पांच सदस्यों के नामांकन खारिज किए जाने के बाद दोनों खेमों के बीच तनाव और बढ़ गया था। अब क्लस्टर परियोजनाओं का मुद्दा इस संघर्ष का नया अखाड़ा बन गया है।
नाईक की अदालत जाने की चेतावनी
गणेश नाईक ने आरोप लगाया कि शहरी विकास विभाग ने स्थानीय प्राधिकरण के अधिकारों की अनदेखी की है। उन्होंने फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही। दूसरी ओर, शिवसेना के जिलाप्रमुख किशोर पाटकर ने परियोजनाओं पर रोक लगाने को बदले की राजनीति बताया। उनका सवाल है कि खतरनाक और रहने योग्य नहीं रह गई इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

 

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