-जरांगे को खत्म करो, वरना वह हमें निगल जाएगा!!
सामना संवाददाता / मुंबई
मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर ‘५०० करोड़ का ऑडियो बम’ फोड़ा है। बातचीत में कहा गया है, ‘जरांगे भाजपा के मराठा नेताओं को निशाना बना रहे हैं और समाज में उनका प्रभाव बढ़ रहा है। उसे खत्म करो, नहीं तो वह हमें निगल जाएगा। केवल यह कहने से काम नहीं चलेगा कि उसे कौन आर्थिक मदद पहुंचा रहा है; उसके खिलाफ पैसे देकर लोगों को खड़ा करो।’
जरांगे ने पत्रकार परिषद में लगभग ३२ मिनट की एक ऑडियो क्लिप सुनाई। उसमें श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहले ही ५०० करोड़ रुपए पहुंचाए जाने का दावा किया गया है। इससे महायुति और महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है। शिंदे गुट के नेताओं में भी हलचल शुरू होने की बात खबर में कही गई है। जरांगे ने चेतावनी दी कि मराठा आंदोलन को दबाने के लिए उनके खिलाफ रची जा रही साजिश नहीं रोकी गई तो वह ऐसा खुलासा करेंगे कि राज्य के २०२९ के चुनाव में किसी को मुंह दिखाने की जगह नहीं बचेगी।
दशहरे पर दी थी खुलासे की चेतावनी
खबर के मुताबिक, दशहरे के अवसर पर जरांगे ने चेतावनी दी थी कि कुछ लोग यह कहकर भाजपा से पैसे ले रहे हैं कि उन्होंने जरांगे को ५०० करोड़ रुपए दिए हैं। नेताओं के बीच यह चर्चा भी चल रही है कि श्रीकांत शिंदे ने वह रकम उन तक पहुंचाई थी। उन्होंने कहा था, ‘यह बंद करो और सच बताओ, नहीं तो मुझे गहराई में जाना पड़ेगा।’ इसके बाद एकनाथ शिंदे ने कहा था कि उन्होंने न किसी से पैसे लिए हैं और न किसी को दिए हैं। उन्होंने जरांगे से प्रमाण मांगने की प्रतिक्रिया भी दी थी।
जरांगे ने पत्रकार परिषद में आरोप लगाया कि मराठा आंदोलन को बदनाम करने के लिए भाजपा नेताओं के बीच साजिश चल रही है। कथित बातचीत में जरांगे के बढ़ते प्रभाव को रोकने और इसके लिए आर्थिक लेन-देन करने की चर्चा होने का दावा किया गया है।
शिंदे पिता-पुत्र को गिरफ्तार करो;
५०० करोड़ की ईडी जांच हो
कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे को गिरफ्तार करने तथा कथित ५०० करोड़ रुपए के मामले की प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है।
शिंदे, सावधान हो जाओ! अगर मैं गहराई में गया तो आग भड़क उठेगी
किसने किसको ५०० करोड़ रुपए दिए, यह सब जानता हूं। शिंदे का स्वाभिमान था इसलिए सिर पर बैठाकर नचाया; लेकिन मेरे खिलाफ कौन किसको क्या पहुंचाता है, कितना बल देता है, किसको फोन जाते हैं, यह सब मुझे पता है। बीड जैसी जगहों पर मराठा लड़कों पर ३०७ के मुकदमे दर्ज होते हैं। कौन बैठकें आयोजित कर रहा है, यह मुझे पता है। शिंदे को सावधान हो जाना चाहिए। यदि मैं गहराई में गया तो इतनी भयानक चीजें सामने आएंगी कि आग भड़क उठेगी, ऐसी चेतावनी मनोज जरांगे ने दी।
दो महीने में परमाणु बम गिराऊंगा: जरांगे
आज मैंने जो बाहर निकाला है, वह केवल एक छोटा नमूना है। यह तो बस एक ट्रेलर था। मैं बहुत दूर तक हाथ पहुंचा सकता हूं। मेरे रास्ते में मत आइए। यदि यह षड्यंत्र और मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने का काम नहीं रुका, तो एक से दो महीने में ऐसा परमाणु बम गिराऊंगा कि भागने का रास्ता नहीं मिलेगा, ऐसे शब्दों में जरांगे ने अपना गुस्सा व्यक्त किया। मैं अब रुकूंगा नहीं। मैं गहराई में जाऊंगा। मैंने तीन साल सहन किया। १०० वर्षों में जो बाहर नहीं आया, वह मैं बाहर लाऊंगा और सभी का पर्दाफाश करूंगा। मराठों, मैं कुछ दिनों के लिए कार्यक्रमों से दूर रहूंगा। नहीं तो ये सरकार हमारा कुणबी प्रमाणपत्र रद्द कर देगी, जरांगे ने कहा।
क्लिप में आवाज किसकी? म्हस्के ने आवाज पहचान ली
इस ऑडियो क्लिप में आवाज श्वेता शालिनी, नीधी कामदार और अतुल भातखलकर की
जरांगे द्वारा पत्रकार वार्ता में सुनाई गई ऑडियो क्लिप में बातचीत करने वाले लोग कौन हैं? इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हैं। इसी बीच, शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने सीधे तौर पर यह संदेह व्यक्त किया है कि क्लिप में ये आवाजें भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी, निधि कामदार और विधायक अतुल भातखलकर की हैं। क्या ये आवाजें उन्हीं की हैं? और क्या यह ऑडियो क्लिप असली है? इसकी सच्चाई की जांच के लिए इसे साइबर सेल के पास भेजा जाना चाहिए, ऐसी मांग म्हस्के ने की है।
