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ये तो तानाशाही हुई…विरोध की तस्वीरें देख सत्ता घबराई?

-तीन साल की मेहनत पर फेर दिया पानी, १०० से ज्यादा तस्वीरों में से ७० हटाने का दावा
-प्रियंका गांधी के बेटे रेहान की प्रदर्शनी पर सेंसरशिप का आरोप
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी में सेंसरशिप के आरोप से विवाद खड़ा हो गया है। दावा है कि तीन साल की मेहनत से तैयार १०० से ज्यादा तस्वीरों में से ७० हटा दी गईं। इस घटना के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि ये तो सीधे-सीधे तानाशाही है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और कलाकार-फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस प्रशासन पर उनकी फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटवाने का गंभीर आरोप लगाया है। रेहान की प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी कई तस्वीरें हटाए जाने का दावा सामने आया है। इस विवाद ने कला की आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेहान के मुताबिक, उनकी प्रदर्शनी में पहले १०० से अधिक तस्वीरें लगाने की योजना थी, लेकिन प्रशासन की आपत्ति के बाद करीब ७० तस्वीरें हटानी पड़ीं और लगभग ३० तस्वीरें ही बचीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके तीन साल के काम को एक कोने में रख दिया गया और प्रदर्शनी की दीवारें खाली रह गईं। रेहान का सवाल है कि अगर तस्वीरों पर आपत्ति थी, तो प्रशासन ने पहले जानकारी क्यों नहीं दी?
‘ये पूरे देश के युवाओं की आवाज दबाना चाहते हैं’
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बीकानेर हाउस के इस कदम को ‘बेतुका’ बताया। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘आप क्या सोचते हैं? वो एक युवा लड़का है, लेकिन मुझे लगता है कि आप जानते हैं कि वे पूरे देश में युवाओं की आवाज दबा रहे हैं। इसलिए यह उम्मीद करना लाजिमी है कि वे किसी के भी साथ ऐसा कर सकते हैं।’

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