-स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट ने बताई शी जिनपिंग की दोहरी रणनीति
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की हालिया हरकतों को लेकर कहा है कि वह दरअसल दो मोर्चों पर भारत की तरक्की की रफ्तार रोकने की कोशिशों में जुटा हुआ है। उनके मुताबिक, पहला यह है कि शी जिनपिंग की सरकार सीमाओं पर इस तरह की समस्याएं पैदा करके भारत पर दबाव बनाना चाहती है और दूसरी तरफ वह आर्थिक तौर पर भारत को लाचार करने के प्रयासों में जुटी हुई है।
‘चीन की दोहरी रणनीति:
क्षेत्रीय दबाव, आर्थिक जबरदस्ती’
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इस बात की पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से चीन के सैनिकों के साथ आमना-सामना हो रहा है और कुछ जगहों पर यह अभी भी जारी है। पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक ३,४८८ किलोमीटर में भारत और तिब्बत (चीन) के बीच एलएसी है, जिसकी सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी आईटीबीपी की ही है। आईटीबीपी प्रमुख के इसी बयान पर स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, ‘भारत की तरक्की रोकने के लिए चीन की दोहरी रणनीति: क्षेत्रीय दबाव और आर्थिक जबरदस्ती।’
पहले लद्दाख में उलझाया और
अब अरुणाचल में
ब्रह्मा चेलानी के अनुसार, ‘पूर्वी लद्दाख में चुपचाप वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में हेरफेर करने के बाद चीन अब दूसरे सेक्टर, अरुणाचल प्रदेश में भारत-तिब्बत सीमा पर जमीनी तथ्यों को बदलना चाह रहा है।’
पर ही नहीं, दो मोर्चों पर लड़ रहा चीन
