-भुखमरी सूचकांक २०२६ १२२ देशों में भारत १००वें स्थान पर, भड़की राकांपा!
सामना संवाददाता / मुंबई
देश को महासत्ता बनाने के सपने दिखाकर सत्ता हासिल करने वाली केंद्र सरकार को आखिर जनता की भूख कब दिखाई देगी? इस तरह का तीखा सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने किया है। वैश्विक भुखमरी सूचकांक २०२६ में १२२ देशों की सूची में भारत के १००वें स्थान पर रहने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में पांच साल से कम उम्र के २९ प्रतिशत बच्चों की लंबाई कुपोषण के कारण नहीं बढ़ पा रही है। इसके बावजूद सरकार बुनियादी समस्याओं को दूर करने के बजाय अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है।
रोहित पवार ने कहा कि देश के ७९ करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने की बात कहकर सरकार अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन इतनी बड़ी आबादी को मुफ्त राशन की जरूरत पड़ना गर्व का नहीं, बल्कि चिंता का विषय है। देश में आज भी लोग भूख से जूझ रहे हैं। ऐसे में विकसित भारत के नारों और विज्ञापनों से आखिर किसका पेट भर रहा है? रोहित पवार ने सवाल किया कि भाषणों से पेट नहीं भरता और विज्ञापनों से कुपोषण नहीं मिटता, यह बात सरकार की समझ में कब आएगी? ‘मन की बात’ करने वाली सरकार आखिर ‘जन की बात’ कब सुनेगी? महासत्ता बनने के दावों से ज्यादा जरूरी है कि देश के हर नागरिक को भरपेट भोजन और हर बच्चे को पर्याप्त पोषण मिले।
