मोदी-अडानी की दोस्ती पर राज ठाकरे का निशाना, पोस्ट की एक डॉक्यूमेंट्री
सामना संवाददाता / मुंबई
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी के संबंधों पर सवाल उठाते हुए ‘द प्रâेंडशिप फाइल्स’ नामक डॉक्यूमेंट्री अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की है। इस डॉक्यूमेंट्री में गुजरात से लेकर देश-विदेश तक अडानी समूह के कारोबार के विस्तार में मोदी सरकार की कथित भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राज ठाकरे ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया से हटाए जाने से पहले इसे देख लें। डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि वर्ष २००० तक मुंद्रा में छोटे बंदरगाह तक सीमित अडानी समूह का कारोबार मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान तेजी से बढ़ा। वर्ष २००३ से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने और २०११ तक अडानी समूह को करीब १५ हजार एकड़ जमीन महज एक रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से मिलने का आरोप लगाया गया है। इसके विपरीत, टाटा समूह को नैनो परियोजना के लिए ९०० रुपए और फोर्ड कंपनी को १,१०० रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन मिलने का हवाला दिया गया है।
डॉक्यूमेंट्री में मुंद्रा बंदरगाह से मादक पदार्थों की कथित तस्करी और उससे जुड़े मामलों को दबाने के आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही, भारतीय जीवन बीमा निगम के ४८ हजार करोड़ रुपए अडानी के शेयरों में निवेश किए जाने तथा श्रीलंका की एक परियोजना को लेकर मोदी सरकार की कथित भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें यह भी दावा किया गया है कि अडानी समूह को विदेशों में परियोजनाएं दिलाने के लिए प्रधानमंत्री के दौरों और सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। वर्ष २०१४ में मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए दिल्ली जाते समय अडानी के विमान का इस्तेमाल किए जाने का भी उल्लेख है।
गैस, सड़क, सीमेंट से सौर ऊर्जा तक अडानी का बढ़ता दायरा!
डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, ऊर्जा, गैस, सीमेंट, सड़क, जलापूर्ति, सौर ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में अडानी समूह का विस्तार सत्ता के संरक्षण में हुआ। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। राज ठाकरे की इस पोस्ट ने मोदी-अडानी संबंधों और उद्योगपतियों को कथित सरकारी रियायतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
