-दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन; सौ से अधिक लोग हिरासत में, मताधिकार पर उठे सवाल
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली में विरोध तेज हो गया है। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम कथित रूप से हटाए जाने पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सौ से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में दस्तावेजों और सत्यापन संबंधी शर्तों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। उन्होंने आयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की। हालांकि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। निर्वाचन आयोग का घोषित उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इस बीच पुलिस कार्रवाई ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों को किस कानूनी आधार पर हिरासत में लिया गया और कितने लोगों को बाद में रिहा किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी जरूरी है। लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो, इसकी जिम्मेदारी भी निर्वाचन आयोग की है।
फतेहपुर में बूथ कब्जाने का आरोप!
अखिलेश ने भाजपा के साथ चुनाव आयोग को भी घेरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के दौरान फतेहपुर में कथित बूथ कब्जाने की कोशिश को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और निर्वाचन प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया और संबंधित अधिकारियों ने अपनी
