-`इंडिया’ गठबंधन की बैठक बुलाई गई; महाभियोग प्रस्ताव और एक नवंबर की दिल्ली रैली पर रणनीति
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष ने अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। `इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संभावित महाभियोग प्रस्ताव, संसद के आगामी सत्र और एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली की रणनीति पर चर्चा होनी है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र नागरिक प्रभावित हुए हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग का पक्ष रहा है कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है और पात्र मतदाताओं के लिए दावा तथा आपत्ति की प्रक्रिया उपलब्ध है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने संबंधी कोई प्रस्ताव आता है तो उसकी जांच संसदीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। उनके बयान को प्रस्ताव स्वीकार होने या कार्रवाई शुरू होने की घोषणा नहीं माना जा सकता।
विपक्ष के सामने चुनौती आरोपों को संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप ठोस साक्ष्यों में बदलने की है। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग के सामने अपनी निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठे सवालों का उत्तर देने की चुनौती है। इस टकराव का असर संसद के आगामी सत्र पर पड़ सकता है।
